राजनांदगांव/कवर्धा। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में नक्सलियों के आतंक के बीच राजनांदगाव रेंज के कवर्धा में एक नक्सल दंपत्ति ने आत्मसर्पण किया है। दंपत्ति कुख्यात नक्सली कमांडर हिड़मा के गांव पुवर्ती के रहने वाले हैं। दोनों पर 10 लाख रुपए का ईनाम था। राजनांदगांव आईजी दीपक झा ने सरेंडर की पुष्टि की है। वहीं कवर्धा में मीडिया के समक्ष दोनों नक्सलियों को समर्पण के बाद सामने लाया गया।

मिली जानकारी के मुताबिक नक्सल दंपत्ति रमेश उर्फ मेस्सा और उसकी पत्नी रोशनी उर्फ हिडमे ने आज कवर्धा कलेक्टर गोपाल वर्मा और एसपी धर्मेश छवई के समक्ष समर्पण किया है। रमेश बोडला एरिया कमेटी का सदस्य था। वहीं उसकी पत्नी भी इसी कमेटी की मेम्बर थी। दोनों के विरूद्ध थाना तरेगांव में दो-दो नक्सल अपराध दर्ज थे।

रमेश ने नक्सली संगठन में नक्सली कमांडर के रूप में काम करते कई हिंसक अपराधों को अंजाम दिया था। वह पुलिस मुठभेड़ में भी शामिल रहा है। दोनों ने नक्सल संगठन में भेदभाव के चलते आत्मसर्पण किया है। कवर्धा जिले में अब तक 8 ईनामी नक्सलियों सहित कुल 9 नक्सली मुख्यधारा में लौट चुके हैं।

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