Delhi Election 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 से पहले यमुना जल को लेकर दिए गए बयान पर आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग (ECI) में अपना जवाब दाखिल कर दिया है। उन्होंने इसे जनहित में दिया गया बयान बताया और कहा कि उनका इरादा किसी भी समूह के बीच दुश्मनी भड़काने का नहीं था।

क्या कहा केजरीवाल ने?

केजरीवाल ने अपने 14 पन्नों के जवाब में स्पष्ट किया कि उनका बयान दिल्ली में पीने के पानी की गुणवत्ता को लेकर था, जो एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जल आपूर्ति हरियाणा से आने वाले कच्चे पानी पर निर्भर है, जो अत्यधिक दूषित और जहरीला हो सकता है।

हरियाणा सरकार पर सवाल

AAP प्रमुख ने दावा किया कि हरियाणा से दिल्ली आने वाले पानी में अमोनिया का स्तर बेहद अधिक है, जिससे दिल्ली के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) भी इसे पूरी तरह साफ नहीं कर पा रहे। उनके अनुसार, यदि इस पानी को बिना पर्याप्त शुद्धिकरण के पीने के लिए इस्तेमाल किया जाए, तो यह गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा कर सकता है।

See also  कोरोना वायरस से मुक्त होने वाला पहला राज्य बना अरुणाचल प्रदेश, 72,530 मरीजों के साथ महाराष्ट्र टॉप पर

उन्होंने कहा कि उनका बयान 27 जनवरी को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीईओ द्वारा जारी पत्र पर आधारित था, जिसमें कहा गया था कि यमुना नदी में अमोनिया का स्तर 6.5-7 PPM तक बढ़ गया है। यह बढ़ोतरी अनुपचारित सीवेज और औद्योगिक कचरे के कारण हो रही है।

ECI के नोटिस पर क्या बोले केजरीवाल?

केजरीवाल ने चुनाव आयोग को जवाब देते हुए कहा कि उनके बयान को आचार संहिता का उल्लंघन नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि यह बयान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार के तहत आता है और इसे किसी समुदाय या राज्य के खिलाफ नफरत फैलाने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

राजनीतिक घमासान तेज

केजरीवाल के बयान के बाद विपक्ष ने उन पर तीखा हमला बोला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आपदा की लुटिया यमुना में ही डूबेगी। वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यमुना के किनारे जाकर उसका पानी पीकर यह साबित करने की कोशिश की कि यह पूरी तरह सुरक्षित है।

See also  Budget Session Live: राष्ट्रपति कोविंद बोले-गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन का अपमान दुर्भाग्यपूर्ण