पुणे कोर्ट में वकील बोले- Rahul Gandhi की जान को खतरा, सुप्रिया श्रीनेत बोलीं- वकील ने राहुल की सहमति के बिना बयान दिया, कल वापस लेंगे, जानें क्या है मामला

Rahul Gandhi Indian Citizenship: नई दिल्ली/ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने सोमवार को राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर सख्त रुख अख्तियार कर लिया। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को राहुल गांधी की नागरिकता पर स्पष्ट रिपोर्ट दस दिन में देने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि राहुल गांधी भारतीय नागरिक हैं या नहीं।

जस्टिस एआर मसूदी और जस्टिस अजय कुमार श्रीवास्तव प्रथम की खंडपीठ के सामने सोमवार को मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने एक स्टेटस रिपोर्ट भी पेश की। इस पर कोर्ट ने कहा कि वह सिर्फ यह जानना चाहते हैं कि राहुल गांधी नागरिक हैं या नहीं। केंद्र सरकार ने स्टेटस रिपोर्ट देने के लिए अतिरिक्त समय मांगा।

यह मामला एस विग्नेश शिशिर की ओर से दायर जनहित याचिका पर आधारित है। मामले की अगली सुनवाई 5 मई को होगी। इससे पहले हाईकोर्ट ने सरकार को चार सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था।

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स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए सरकार ने 8 सप्ताह का समय मांगा था। इस पर 21 अप्रैल सुनवाई की तारीख तय हुई थी। 19 दिसंबर 2024 को जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की बेंच ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सूर्यभान पांडेय को केंद्रीय गृह मंत्रालय से जानकारी हासिल करने का निर्देश दिया था।