Korba ASI Narendra Singh Parihar murder case: कोरबा। कोरबा जिले के बांगो थाना क्षेत्र में दो साल पहले सहायक उप निरीक्षक (ASI) नरेंद्र सिंह परिहार की नृशंस हत्या के मामले में न्यायालय ने दोषी करण गिरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तत्कालीन सायबर सेल प्रभारी सनत सोनवानी और एसपी उदय किरण की रणनीति से इस जघन्य अपराध का खुलासा हुआ।

तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश, कटघोरा, एचके रात्रे ने मामले की सुनवाई के बाद करण गिरी को दोषी ठहराया। उसे IPC की धारा 450 के तहत 7 वर्ष की सजा और धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके अतिरिक्त, अर्थदंड भी लगाया गया, जिसका भुगतान न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अतिरिक्त लोक अभियोजक दिलीप झा ने अभियोजन की ओर से प्रभावी पैरवी की।

Korba ASI Narendra Singh Parihar murder case: क्या है मामला

9-10 मार्च 2023 की मध्यरात्रि को बांगो थाना के आवासीय बैरक में ड्यूटी के बाद विश्राम कर रहे ASI नरेंद्र सिंह परिहार पर अज्ञात हमलावर ने धारदार हथियार (टांगी) से ताबड़तोड़ हमला किया। इस हमले में उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक यू. उदयकिरण के निर्देशन में कटघोरा SDOP ईश्वर प्रसाद त्रिवेदी, बांगो थाना प्रभारी अभय सिंह बैस और सायबर टीम ने त्वरित कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान संदिग्ध करण गिरी (25 वर्ष, निवासी ठीहाईपारा, कोनकोना) को 24 मार्च 2023 को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपना अपराध कबूल किया।

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Korba ASI Narendra Singh Parihar murder case: DJ को लेकर हुआ था विवाद

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि करण गिरी ASI परिहार से नाराज था। दिसंबर 2022 में ASI ने अवैध शराब के मामले में करण के खिलाफ कार्रवाई की थी, जिसके चलते उसे 15-20 दिन जेल में रहना पड़ा। इसके बाद 8 मार्च 2023 को होली के दौरान करण और उसके साथी मोहल्ले में डीजे बजा रहे थे। ASI परिहार ने शिकायत पर डीजे बंद करवाया और उसे जप्त कर लिया, जिससे करण का गुस्सा और बढ़ गया।

अगले दिन पुलिस कर्मी थाना परिसर में डीजे बजाकर होली मना रहे थे, जिसमें ASI परिहार भी शामिल थे। इससे आक्रोशित करण ने बदला लेने की ठान ली और रात में बैरक में घुसकर टांगी से उनकी हत्या कर दी। हत्या के बाद करण ने टांगी को नदी में धोकर झाड़ियों में फेंक दिया था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हथियार बरामद किया। बांगो थाना प्रभारी अभय सिंह बैस, सायबर थाना प्रभारी सनत सोनवानी और संयुक्त पुलिस टीम की मेहनत से यह मामला सुलझाया गया।

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