0 परेशान शिक्षक ने बनाया VIDEO तो तहसीलदार ने झूठे आरोप में भिजवाया जेल
0 वीडियो हुआ वायरल तो कलेक्टर ने कराई जांच, अब नाप गए तहसीलदार

बिलासपुर। संभाग कमिश्नर सुनील कुमार जैन ने तहसीलदार एनके सिन्हा को निलंबित कर दिया। आरोप है कि उक्त अफसर ने शिक्षक से रिश्वत ली थी और अपने कोर्ट में आम लोगों से दुर्व्यवहार किया था। कमिश्नर ने यह कार्यवाही सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के जांच प्रतिवेदन पर की है।

मामले के निराकरण के लिए शिक्षक से मांगी रिश्वत

दरअसल राजस्व प्रकरण के निराकरण के एवज में शिक्षक दिलीप चंद्रा से जैजैपुर तहसीलदार एनके सिन्हा ने रिश्वत मांगी थी। तहसीलदार के ड्राइवर दुर्गेश सिदार के खाते में 24 मार्च 2025 को 15 हजार रुपए और 26 मार्च को 5 हजार रुपए तहसीलदार एनके सिन्हा ने ट्रांसफर करवा कर अनुचित लाभ प्राप्त किया था।

काम नहीं हुआ तो बनाया VIDEO

इसके बावजूद शिक्षक दिलीप चंद्रा के राजस्व प्रकरण का निराकरण नहीं हुआ। उनका काम करने के एवज में तहसीलदार ने फिर से रकम की मांग कर दी। परेशान होकर शिक्षक चुपचाप इसका वीडियो बना रहा था। भनक लगने पर तहसीलदार ने पुलिस बुलाकर कार्यालय में अभद्रता करने और सरकारी दस्तावेज गायब करने का झूठा आरोप लगा कर शिक्षक को प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर जेल भेज दिया। यह मामला सुर्खियां बना और लेनदेन की बातचीत का तहसीलदार का वीडियो भी वायरल हुआ था।

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इसे संज्ञान में लेकर सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने तहसीलदार को कारण बताओ सूचना पत्र 4 जुलाई 2025 को जारी किया। तहसीलदार एनके सिन्हा द्वारा 8 जुलाई को इसका जवाब प्रस्तुत किया गया मगर जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने तथा तहसीलदार जैजैपुर के विरुद्ध वीडियो वायरल होने से प्रशासन की छवि धूमिल होने का प्रतिवेदन कलेक्टर ने संभाग कमिश्नर सुनील कुमार जैन को भेजा।

तहसीलदार एनके सिन्हा का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम तीन के प्रावधानों के विपरीत होना और स्वेच्छाचारिता का परिचायक होना पाया गया। इसी के मद्देनजर एनके सिन्हा को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत तत्काल प्रभाव से कमिश्नर सुनील कुमार जैन ने निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय सक्ती में रहेगा।