नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने गुरुवार को प्रियंका गांधी के पति करोबारी Robert Vadra के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसके अलावा उनकी 43 से ज्यादा संपत्तियों को जब्त कर लिया है। जब्त संपत्तियों की कीमत करीब 36 करोड़ रुपए आंकी गई है।

वाड्रा के खिलाफ ईडी का यह एक्शन शिकोहपुर लैंड डील मामले लिया गया है। इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का भी आरोप है। इसकी जांच ईडी को सौंपी गई है। ईडी द्वारा बनाई गई चार्जशीट में रॉबर्ट वाड्रा के अलावा कुछ अन्य कंपनियों के भी नाम हैं। यह मामला हरियाणा के गुरुग्राम के शेखोपुर में हुई लैंड डील से जुड़ा हुआ है। इसमें जमीन डीएलएफ के नाम ट्रांसफर की गई थी।

मामला हरियाणा के मानेसर-शिकोहपुर की लैंड डील का है। अब इस इलाके को गुरुग्राम के सेक्टर-83 के रूप में जाना जाता है। इस लैंड डील में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा का भी नाम उछाला जाता है। क्योंकि यह डील उन्हीं के कार्यकाल में हुई थी। तब राज्य और केंद्र में दोनों सरकारें कांग्रेस की थी। यह लैंड डील 2008 में स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से हुई थी। इस कंपनी के रॉबर्ट पहले डायरेक्टर हुआ करते थे।

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7.5 करोड़ की जमीन 4 साल बाद 58 करोड़ में बेंची

इस लैंड डील में 3.5 एकड़ जमीन ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से महज 7.5 करोड़ में खरीदी गई थी। 4 साल बाद इसी जमीन को सितंबर 2012 में कंपनी ने डीएलएफ को 58 करोड़ रुपये में बेचा था। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब आईएस अधिकारी अशोक खेमका ने जमीन की खारिज दाखिल को ही रद्द कर दिया। खारिज दाखिल में जमीन बेंचने वाले व्यक्ति का नाम आधिकारिक रूप से हटा दिया जाता है और खरीदने वाले यानी नए मालिक के नाम जमीन आधिकारिक रूप से ट्रांसफर हो जाती है। इस प्रक्रिया को खारिज दाखिल कहते हैं।