रायपुर। खरीफ के लिए किसानों को सहकारियों समितियों के माध्यम से सहजता से खाद बीज की उपलब्धता के चलते खरीफ फसलों की बुवाई का काम तेजी से जारी है। मुंगेली जिले में खरीफ 2025 के लिए किसानों को उनकी डिमांड के आधार पर अब तक 37535 मीट्रिक टन रासायनिक उवर्रक और 14 हजार 855 क्विंटल बीज वितरण किया जा चुका है। जिले की सभी सोसायटियों में पर्याप्त मात्रा में विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरक और खरीफ फसलों के प्रमाणिक बीज वितरण हेतु उपलब्ध है। 

यहां यह उल्लेखनीय है कि मुंगेली जिले में चालू खरीफ सीजन में 60620 मैट्रिक टन रासायनिक उर्वरक वितरण के लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 45145 मैट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया गया है। जिसमें से  37 हजार 535 टन उर्वरक का उठाव किसानों ने किया है। इसी तरह 14 हजार 855 क्विंटल बीज वितरण के लक्ष्य के विरूद्ध 17 हजार 377 क्विंटल बीज का भंडारण कर किसानों को पूरी मात्रा में बीज का वितरण किया जा चुका है। 

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डीएपी खाद की संभावित कमी को देखते हुए एनपीके, एसएसपी और यूरिया जैसे उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। इनमें एनपीके को सबसे उपयुक्त विकल्प माना गया है। आधुनिक और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का भी उपयोग बढ़ाया जा रहा है। अब तक 6,497 बोतल नैनो यूरिया में से 3,207 बोतलों का वितरण, और 3,114 बोतल नैनो डीएपी में से 1,085 बोतलों का वितरण किसानों को किया गया है। यह उर्वरक मिट्टी की गुणवत्ता को सुरक्षित रखते हुए पौधों को आवश्यक पोषण देते हैं।

कृषि विभाग द्वारा जिले की 66 सेवा सहकारी समितियों और निजी विक्रय केन्द्रों में इन उर्वरकों का भंडारण किया गया है। जिले में बीज और खाद विक्रय केन्द्रों की नियमित जांच की जा रही है। अब तक 9 बीज विक्रेताओं और 5 खाद विक्रेताओं पर अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई की गई है। बीज और उर्वरकों की समय पर उपलब्धता तथा प्रशासन की कड़ी निगरानी से किसानों को बड़ी राहत मिली है। सभी सेवा सहकारी समितियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी किसान को खाद प्राप्त करने में कठिनाई न हो और वितरण पूर्ण पारदर्शिता से किया जाए। 

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