टीआरपी डेस्क। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गूगल और मेटा को समन जारी किया है। दोनों कंपनियों को 21 जुलाई को पेश होने के लिए कहा गया है। मामला ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स से जुड़ा है, जिनके जरिए बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला के लेन-देन की आशंका है।

ईडी क्यों कर रही है पूछताछ?
ईडी की जांच में सामने आया है कि कई ऑनलाइन बेटिंग ऐप गूगल और मेटा जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर खुलेआम प्रमोट हो रहे हैं। इन्हें विज्ञापन स्लॉट दिए गए, जिससे इन ऐप्स की पहुंच और कारोबार तेजी से बढ़ा। ईडी का मानना है कि इससे न सिर्फ सट्टेबाजी को बढ़ावा मिला, बल्कि अवैध पैसों का खेल भी चला।
क्या है पूरा नेटवर्क?
ईडी इस समय एक संगठित ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क की पड़ताल कर रही है, जो देशभर में फैला है। प्ले स्टोर, यूट्यूब (गूगल के प्लेटफॉर्म) और इंस्टाग्राम, फेसबुक, व्हाट्सएप (मेटा के प्लेटफॉर्म) के जरिए ये ऐप्स प्रमोट किए जा रहे थे। इसी सिलसिले में दोनों कंपनियों के प्रतिनिधियों से पूछताछ होगी।
तेलुगु सिनेमा से भी जुड़ा मामला
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में दर्ज 5 एफआईआर के बाद ईडी ने हाल ही में तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के 29 सेलेब्रिटीज के खिलाफ कार्रवाई की। इनमें विजय देवरकोंडा, राणा दग्गुबाती, प्रकाश राज, निधि अग्रवाल, प्रणिता सुभाष और मांचू लक्ष्मी जैसे नाम शामिल हैं। कई टीवी कलाकारों से भी पूछताछ की जा चुकी है।
कौन-कौन से ऐप्स निशाने पर?
ईडी की जांच के दायरे में Jungle Rummy, A23, JeetWin, PariMatch और Lotus365 जैसे कई ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स हैं। इन ऐप्स के जरिए देश-विदेश में बड़े पैमाने पर काला धन घुमाने का शक है।
अब आगे क्या?
ईडी की कोशिश है कि इस पूरे नेटवर्क के हर लिंक को जोड़ा जाए, जिसमें टेक कंपनियों की भूमिका भी पूरी तरह से स्पष्ट हो। 21 जुलाई को गूगल और मेटा के जवाब इस जांच की दिशा तय कर सकते हैं।


