टीआरपी डेस्क। 21 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, जो 21 अगस्त तक चलेगा। करीब 108 दिन बाद संसद का यह सत्र हो रहा है और इस दौरान कई बड़े घटनाक्रम सामने आ चुके हैं कश्मीर का पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर, अहमदाबाद विमान हादसा और बिहार में वोटर लिस्ट का विशेष पुनरीक्षण जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है।
1. पहलगाम आतंकी हमला: विपक्ष पूछेगा जवाब
22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिक मारे गए थे। अब तक हमलावरों का कोई सुराग नहीं मिला है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार से तीखे सवाल पूछने की तैयारी में है जैसे कि खुफिया विफलता, कार्रवाई की दिशा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर केंद्र की नीति।
2. ऑपरेशन सिंदूर पर विदेश नीति को लेकर घेराबंदी
6-7 मई की रात भारत ने पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों पर ब्रह्मोस मिसाइल से हमला किया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले के बाद दावा किया कि दोनों देशों के बीच टकराव को उन्होंने रोका। इस बयान ने विपक्ष को मौका दे दिया है कि वो मोदी सरकार की विदेश नीति और सैन्य रणनीति पर सवाल उठाए। विपक्ष यह भी जानना चाहता है कि इस ऑपरेशन में भारत को कितना नुकसान हुआ।
3. एयर इंडिया हादसा: जांच और जवाबदेही पर सवाल
अहमदाबाद विमान हादसे को लेकर प्रारंभिक जांच रिपोर्ट आने के बावजूद सवाल बाकी हैं। विपक्ष का कहना है कि हादसे की जिम्मेदारी किसकी थी, और क्या इसे रोका जा सकता था? कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल इस मुद्दे को जोरशोर से उठाएंगे।
4. बिहार वोटर लिस्ट का मुद्दा गरमाएगा संसद
बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले चल रहे वोटर लिस्ट के विशेष पुनरीक्षण अभियान को लेकर विपक्ष ने पहले ही चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेरफेर की जा रही है। इस मसले को संसद में उठाकर विपक्ष सरकार से सफाई मांगेगा।
5. विपक्ष एकजुट, रणनीति तय
मानसून सत्र से पहले 19 जुलाई को कांग्रेस ने इंडिया ब्लॉक की वर्चुअल बैठक बुलाई थी, जिसमें सोनिया गांधी ने नेतृत्व किया। बैठक में तय हुआ कि विपक्ष इस बार सरकार को बिहार वोटर लिस्ट, ऑपरेशन सिंदूर, मणिपुर हिंसा, बालासोर आत्मदाह, और एयर इंडिया हादसे जैसे मामलों पर संसद के भीतर और बाहर आक्रामक रुख अपनाएगा।



