रायपुर। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को पहली बार एक महिला अफसर की कमान मिली है। मध्य प्रदेश कैडर की सीनियर आईपीएस अधिकारी सोनाली मिश्रा को 31 अक्टूबर 2026 तक RPF की महानिदेशक नियुक्त किया गया है। कैबिनेट की अपॉइंटमेंट कमेटी ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी है।
तीन दशक का अनुभव, कई बड़ी जिम्मेदारियां
1993 बैच की आईपीएस सोनाली मिश्रा ने अपने करियर में अब तक कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। वे ADG (चयन/भर्ती) के अलावा पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, भोपाल में एडीजी और मप्र पुलिस अकादमी की निदेशक भी रह चुकी हैं। CBI और BSF जैसी केंद्रीय एजेंसियों में भी उन्होंने सेवा दी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्होंने कोसोवो में UN शांति मिशन का हिस्सा बनकर भारत का प्रतिनिधित्व किया।
उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें राष्ट्रपति का पुलिस पदक और सराहनीय सेवा पदक जैसे कई पुरस्कार मिल चुके हैं। पेशेवर अनुशासन, मजबूत नेतृत्व और पारदर्शिता के लिए वे पूरे विभाग में जानी जाती हैं।
छत्तीसगढ़ से जुड़ाव: बिलासपुर की यादें
कम ही लोगों को पता है कि सोनाली मिश्रा का छत्तीसगढ़ से भी गहरा नाता रहा है। अपने करियर के शुरुआती वर्षों में, जब मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ एक ही राज्य थे, तब उन्होंने बिलासपुर में सीएसपी और एएसपी के रूप में काम किया था। छत्तीसगढ़ के गठन के बाद वे मध्य प्रदेश कैडर में वापस चली गईं, लेकिन यहां की प्रशासनिक जमीन को उन्होंने काफी करीब से देखा और समझा है।
RPF को मिलेगा अनुभवी नेतृत्व
भारत जैसे विशाल रेल नेटवर्क की सुरक्षा का जिम्मा अब सोनाली मिश्रा के कंधों पर है। उम्मीद की जा रही है कि उनके अनुभव, समझ और दूरदर्शिता से RPF का आधुनिकीकरण तेज होगा, यात्रियों की सुरक्षा मजबूत होगी और बल की कार्यशैली में पेशेवर सुधार देखने को मिलेंगे। राज्य और केंद्रीय दोनों स्तरों पर काम करने का उनका अनुभव बल के लिए बड़ा संपत्ति साबित हो सकता है।



