टीआरपी न्यूज, रायपुर
। छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन ने पेंशनरों से संबंधित समस्याओं का शीघ्र निराकरण करने की मांग मुख्यमंत्री से की है।
विगत दिनों बिलासपुर में आयोजित प्रांतीय अधिवेशन के पश्चात प्रदेश अध्यक्ष पीआर यादव और जिला अध्यक्ष पंकज नायक के नेतृत्व में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का ध्यान आकर्षित कराया गया है।


पेंशनरों की प्रमुख मांगें

  • विधानसभा चुनाव के पूर्व मोदी की गारंटी के तहत वादा किया गया था कि छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को केंद्र सरकार के पेंशनरों के समान महंगाई राहत दी जाएगी। अब तक केंद्र के अनुसार महंगाई राहत नहीं दी गई। शीघ्र राहत देने की मांग की गई है।
  • ज्ञापन में कहा गया है कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 की गलत व्याख्या की गई है। गलत व्याख्या करके राज्य शासन महंगाई राहत भुगतान से बच रहा है। जबकि, मध्यप्रदेश सरकार द्वारा पेंशनरों को लगातार महंगाई राहत दी जा रही है। छत्तीसगढ़ में भी यह व्यवस्था की जाए।
  • राज्य की जनसंख्या में पेंशनर्स की औसत आयु 70 वर्ष है। 80 वर्ष से अधिक के पेंशनर्स को 20 प्रतिशत अतिरिक्त राहत की व्यवस्था की जाए। 70 वर्ष पूरी करने वाले पेंशनर्स को 10 प्रतिशत अतिरिक्त राहत दी जाए।
  • बढ़ती उम्र में पेंशनर्स की स्वास्थ्य आवश्कताओं को देखते हुए उन्हें ओपीडी और इनडोर दोनों प्रकार की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही नई स्वास्थ्य योजना लागू की जाए।
  • छत्तीसगढ़ अधिकारी कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन को प्रथम श्रेणी अधिकारियों से लेकर चतुर्थ श्रेणी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों का एकमात्र प्रतिनिधि संगठन माना जाए तथा पेंशनर्स की मांगों को शासन स्तर पर मान्यता प्रदान की जाए। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश दिया जाए।
    जिला शाखा के सचिव बेनीराम गायकवाड़ ने बताया कि पेंशनर्स संगठन के पदाधिकारी उमेश मुदलियार, राजेंद्र उमाठे, राकेश त्रिवेदी, बीपी कुरील, प्यारेलाल सेन, केदार अग्रवाल, विश्वनाथ ध्रुव, जीएस यादव, सीएल दुबे ने पेंशनरों की मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर शीघ्र निराकरण करने की मांग की है
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