रायपुर। छत्तीसगढ़ की साय सरकार द्वारा हाफ बिजली बिल योजना में बदलाव के बाद अब प्रदेश के उपभोक्ताओं को केवल 100 यूनिट तक ही इस योजना का लाभ मिलेगा। सरकार के इस फैसले के खिलाफ आज राजधानी रायपुर में कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया। डंगनिया स्थित छत्तीसगढ़ स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (CSEB) के कार्यालय का कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने घेराव कर विरोध दर्ज कराया।

यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा के नेतृत्व में किया गया, जिसमें युवा कांग्रेस, जिला कांग्रेस कमेटी और एनएसयूआई के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शन में महिलाओं की भी भागीदारी देखने को मिली।

प्रदर्शनकारियों ने “महतारी वंदन का पैसा वापस करो”, “400 यूनिट बिजली योजना बहाल करो” और “छत्तीसगढ़ की महिलाओं को ठगना बंद करो” जैसे नारे लगाए। आंदोलन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यालय के गेट को तोड़कर परिसर में घुसने की कोशिश की, जिससे मौके पर हल्का तनाव भी उत्पन्न हुआ।

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आकाश शर्मा ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए आम जनता की राहत योजनाओं में कटौती कर रही है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जनता को राहत देने के लिए 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ करने की योजना लागू की थी, जिसे अब घटाकर मात्र 100 यूनिट कर दिया गया है।

उन्होंने यह भी बताया कि विरोध के दौरान विद्युत विभाग का कोई भी अधिकारी बात करने बाहर नहीं आया। उल्टा पुलिस बल बुलाकर प्रदर्शनकारियों को रोका गया। उन्होंने इस निर्णय को जनविरोधी बताया और कहा कि इसका विरोध आगे भी जारी रहेगा।

इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष गिरीश दुबे, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, पंकज शर्मा, महासचिव भावेश शुक्ला, एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय, ज्ञानेश शर्मा, अमित शर्मा, विनोद कश्यप, मीडिया विभाग अध्यक्ष तुषार गुहा, शिव कुमार मेनन, तुषारा पांडे समेत कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।