इस्लामाबाद। पाकिस्तानी जेल में बंद आतंकी जिसने मलाला यूसुफजई को गोली मारकर घायल करने की घटना को अंजाम दिया था वो जेल से फरार हो गया है। पाकिस्तानी तालिबान का पूर्व प्रवक्ता एहसानुल्ला एहसान पाकिस्तान की जेल में ही बंद था और अब उसके फरार होने की खबर आई है।

इसकी पुष्टि खुद आतंकी ने एक ऑडियो टेप जारी कर दी है। एहसानुल्ला एहसान 2014 में पेशावर के सैनिक स्कूल पर आतंकी हमले की साजिश में भी शामिल था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तानी सेना को एहसान के फरार होने की जानकारी मिल गई है और उसने फिर से उसे पकड़ने के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुए ऑडियो टेप में एहसान कह रहा है कि वह 11 जनवरी को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कैद से मुक्त हो गया है। कैद से वह इसलिए फरार हुआ क्योंकि 2017 में आत्मसमर्पण के समय पाकिस्तान सरकार के उससे किए गए वादे पूरे नहीं हुए।

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ऑडियो में एहसान कह रहा है- अल्लाह की मेहरबानी से वह सुरक्षा बलों की कैद से आजाद होने में सफल रहा। इस ऑडियो टेप की विश्वसनीयता का अभी पता नहीं चला है। अगर एहसान वास्तव में फरार हो गया है तो यह पाकिस्तान के सुरक्षा इंतजामों पर करारा तमाचा है।

एहसान ने जल्द ही विस्तृत बयान जारी करने की घोषणा की है जिसमें वह अपनी भविष्य की योजना के बारे में बताएगा। मलाला को 2012 में गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था।

स्वात घाटी में अपने घर के आसपास की महिलाओं को पढ़ाने के कारण उसे गोली मारी गई थी। बाद में ब्रिटेन में उसका इलाज हुआ और वहीं उसकी पढ़ाई हुई। मलाला को सबसे कम उम्र में दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार मिला है। जबकि पेशावर सैनिक स्कूल में 132 छात्रों समेत 149 लोग मारे गए थे।

 

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