टीआरपी डेस्क। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोप और बिहार एसआईआर पर मचाए राजनीतिक बवाल के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आज रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की।

उन्होंने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची में सभी कमियों को दूर करना है और यह गंभीर चिंता का विषय है कि कुछ दल इसके बारे में गलत सूचना फैला रहे हैं और चुनाव आयोग के कंधे से निशाना साध रहे हैं।

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सीईसी ने डबल वोटिंग और ‘वोट चोरी’ के आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि सभी हितधारक पारदर्शी तरीके से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को सफल बनाने के लिए काम कर रहे हैं। राहुल गांधी के आरोपों पर उन्होंने कहा कि या तो वो 7 दिन में हलफनामा दायर करें या तो देश से माफी मांगे।

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विपक्ष की ओर से बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण के समय पर सवाल उठाए जाने पर कुमार ने कहा कि यह एक मिथक है कि SIR जल्दबाजी में किया गया है और उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक चुनाव से पहले मतदाता सूची को सही करना चुनाव आयोग का कानूनी कर्तव्य है।

उन्होंने कहा, यह गंभीर चिंता का विषय है कि कुछ दल और उनके नेता बिहार में एसआईआर पर गलत सूचना फैला रहे हैं। कुछ राजनीतिक दल चुनाव आयोग के कंधे पर बंदूक रखकर निशाना साध रहे हैं। चुनाव आयोग सभी राजनीतिक दलों से बिहार में मसौदा मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां दर्ज करने का आग्रह करता है। अभी 15 दिन बाकी हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव आयोग के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और बूथ स्तर के अधिकारी और एजेंट पारदर्शी तरीके से मिलकर काम कर रहे हैं। कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग राजनीतिक दलों के बीच भेदभाव नहीं कर सकता। सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों दल चुनाव आयोग के सामने समान हैं।

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प्रेस वार्ता के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि अगर चुनाव याचिकाएं 45 दिनों के भीतर दायर नहीं की जातीं, लेकिन वोट चोरी के आरोप लगाए जाते हैं तो यह भारतीय संविधान का अपमान है। कुमार ने जोर देकर कहा कि न तो चुनाव आयोग और न ही मतदाता डबल वोटिंग और वोट चोरी के निराधार आरोपों से डरते हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग कुछ लोगों की ओर से की जा रही राजनीति की परवाह किए बिना सभी वर्गों के मतदाताओं के साथ दृढ़ रहेगा।