Trump Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ फैसले को लेकर अब उनकी ही पार्टी से आवाज उठने लगी है। रिपब्लिकन नेता और संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने भारत पर लगाए गए शुल्क को गलत और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि इस कदम से भारत-अमेरिका साझेदारी में दरार आई है, जो वाशिंगटन की ओर से एक बड़ी भूल साबित हो सकती है।
हेली का मानना है कि अमेरिका की सर्वोच्च प्राथमिकता भारत के साथ रिश्तों को पटरी पर लाना होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीधी मुलाकात पर जोर दिया।
चीन को मिलेगा मौका
हेली ने चेतावनी दी कि भारत-अमेरिका संबंधों में दूरी चीन के लिए मौका बन सकती है। अगर यह दरार बढ़ती है तो चीन भारत के करीब आएगा और अमेरिका खुद को दूर पाता रहेगा। उन्होंने कहा कि चीन का मुकाबला करने के लिए दोनों देशों का एकजुट होना जरूरी है।
भारत की तरक्की, अमेरिका के हित में
हेली के मुताबिक, भारत को आर्थिक और सैन्य दोनों स्तरों पर मजबूत करना अमेरिका के लिए भी फायदेमंद होगा। इसलिए भारत-अमेरिका साझेदारी को बोझ नहीं, बल्कि साझा हित समझा जाना चाहिए।
रूसी तेल पर भी सुझाव
रूसी तेल खरीद को लेकर भी हेली ने भारत से ट्रंप की बात को गंभीरता से लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत को व्हाइट हाउस के साथ मिलकर इसका समाधान निकालना चाहिए। गौरतलब है कि ट्रंप ने रूसी तेल आयात पर 25% टैरिफ लगा दिया है, जो भारतीय वस्तुओं पर पहले से ही लागू 25% शुल्क के अतिरिक्त है।
हेली ने साफ कहा कि अब सबसे जरूरी है कि दोनों देश मतभेद दूर करें और रिश्तों को बेहतर बनाएं। उनके शब्दों में, राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच सीधी बातचीत जितनी जल्दी होगी, उतना बेहतर होगा।



