0 चीफ जस्टिस ने कलेक्टर और चीफ सिकरेट्री को किया तलब

सुकमा। जिले के पाकेला आवासीय पोटाकेबिन में बच्चों की सब्जी में फिनायल मिलाने के मामले में पुलिस ने शिक्षक को हिरासत में लिया है। इसके साथ ही 15 जिम्मेदारों को नोटिस में भेजा गया है। इस मामले में कांग्रेस ने बस्तरिया राज मोर्चा के कार्यकर्ताओं के साथ विद्यालय के सामने धरना भी दिया है।

सुकमा जिले के छिंदगढ़ इलाके के पाकेला आवासीय पोटाकेबिन विद्यालय में 21 अगस्त को 426 बच्चों के लिए बींस की सब्जी बनाई गई थी। उसमें काफी संख्या में फिनायल की गोलियां मिला दी गई थी। भोजन परोसने से पहले चखने की प्रक्रिया के दौरान चम्मच जैसे ही मुंह तक गया फिनायल की तेज गंध आई। जिसके बाद सब्जी परोसने से रोक दी गई। हॉस्टल के अधीक्षक और अनुदेशकों की सजगता के चलते बच्चों की जान बच गई।

इस मामले की जानकारी लगने पर सुकमा कलेक्टर देवेश ध्रुव ने 3 सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। जांच टीम में शामिल एसडीएम सूरज कश्यप, डीएमसी उमाशंकर तिवारी और एसपीसी आशीष राम ने मौके पर पहुंच कर जांच की। कई बच्चों ने इस दौरान स्कूल के एक शिक्षक पर आरोप लगाया। एक बच्चे ने मुंह पर गमछा बांधे एक व्यक्ति को देखा भी था जिसने सब्जी में कुछ मिलाया था।

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कलेक्टर ने इस मामले में जांच के बाद एफआईआर के निर्देश दिए थे। वही यह मामला मीडिया में आते ही पूरे प्रदेश में तहलका मच गया। इस मामले ने पूरे राज्य को हिला कर दिया है। कलेक्टर के एफआईआर के निर्देश के बाद पाकेला पोटाकेबिन स्कूल में पदस्थ शिक्षक धनंजय साहू को पुलिस ने हिरासत में लिया है। वही संदेही शिक्षक धनंजय साहू का कहना है कि पोटाकेबिन हॉस्टल के अधीक्षक उनसे रंजिश रखते है, इसलिए उन्हें जानबूझकर झूठा फंसाया गया है। बहरहाल पुलिस हर एंगल से घटना की जांच कर रही है।

हाई कोर्ट ने लिया संज्ञान

उधर हाईकोर्ट ने इसे घोर लापरवाही मानते हुए चीफ सिकरेट्री और कलेक्टर से शपथ पत्र मांगा है। चीफ सिकरेट्री को निगरानी करने का आदेश देते हुए कलेक्टर की मॉनिटरिंग में जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले को स्वतः संज्ञान में लेते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। उन्होंने जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान व्यवस्था पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि पहले बलौदा बाजार जिले के सरकारी स्कूल में कुत्ते का जूठा भोजन बच्चों को परोस दिया गया, उसके बाद अब फिनायल मिला भोजन बच्चों की थाली में परोस दिया गया। राज्य के स्कूलों में इस समय चल क्या रहा है। चीफ जस्टिस ने तल्ख लहजे में कहा कि यह घटना कोई छोटी मोटी नहीं बल्कि बहुत बड़ी लापरवाही है। यदि कैजुअल्टी हो जाती तो हालात संभालना मुश्किल हो जाता। उन्होंने मुख्य सचिव को मौके पर जाकर व्यवस्था देखने के निर्देश दिए इसके साथ ही कलेक्टर को अपनी मॉनिटरिंग में जांच कर यह पता करने को कहा कि आखिर घटना का जिम्मेदार कौन है? पूरी घटना की जांच कर शपथ पत्र में विस्तृत विवरण चीफ जस्टिस ने मांगा है।

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