टोक्यो/तियानजिन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान में अपनी दो दिवसीय यात्रा समाप्त करने के बाद शनिवार को चीन के तियानजिन के लिए रवाना हो गए। वे 31 अगस्त से 1 सितंबर तक शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस दौरान उनकी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय मुलाकात होने की उम्मीद है। बता दें कि एससीओ शिखर सम्मेलन में भारत, चीन, रूस, ईरान, पाकिस्तान और मध्य एशियाई देशों सहित 10 सदस्य देशों के नेता शामिल होंगे।
पीएम मोदी की यह यात्रा सात साल बाद उनकी पहली चीन यात्रा है, जो 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के बाद भारत-चीन संबंधों में स्थिरता लाने के प्रयासों के बीच हो रही है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, पीएम मोदी 31 अगस्त को शी जिनपिंग और 1 सितंबर को पुतिन के साथ मुलाकात करेंगे। यह मुलाकातें क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और सीमा पर तनाव कम करने जैसे मुद्दों पर केंद्रित होंगी।
इससे पहले, जापान में पीएम मोदी ने जापानी समकक्ष शिगेरु इशिबा के साथ 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। दोनों नेताओं ने रक्षा, प्रौद्योगिकी और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की। पीएम मोदी ने टोक्यो में भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने पर जोर दिया।


