Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर पिछले 15 दिनों से हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग नियमितीकरण की है। इसी मुद्दे पर कर्मचारियों ने अपने खून से 100 पत्र लिखकर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और राज्यपाल को भेजे हैं। इन पत्रों में सरकार से चुनावी वादों को पूरा करने की अपील की गई है।

NHM कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से वे नियमितीकरण और अन्य मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक किसी स्तर पर ठोस पहल नहीं हुई। उनका कहना है कि चुनाव के दौरान बीजेपी ने घोषणा पत्र में नियमितीकरण का वादा किया था, मगर सत्ता में आने के बाद इसे भुला दिया गया। कर्मचारियों ने कहा, हमारे पास अब इस तरह का कदम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। यह हमारी पीड़ा को दिखाने का तरीका है।

कर्मचारियों का कहना है कि स्थायी नियुक्ति नहीं मिलने से उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है। कई परिवार गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। अनिश्चित नौकरी और कम वेतन की वजह से जीवनयापन मुश्किल हो गया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

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इस पूरे मामले को लेकर NHM कर्मचारियों ने कहा कि, हमने यह कदम मजबूरी में उठाया है। ताकि, सरकार हम सभी की पीड़ा को समझे। पिछले कई वर्षों से हम सभी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी सरकार हमारी नहीं सुन रही है। हमारी सबसे बड़ी मांग नियमितीकरण की है, जो चुनाव के समय में बीजेपी के घोषणा पत्र में शामिल होने के बावजूद अब तक पूरी नहीं हुई है।