0 आरोपी शिक्षिका पर FIR दर्ज
अंबिकापुर। सीतापुर स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में दूसरी कक्षा की छात्रा से 100 बार उठक बैठक करवाने वाली शिक्षिका को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। उन पर FIR भी दर्ज कर लिया गया है। स्कूल के प्रिंसिपल को प्रबंधन को जानकारी नहीं देने और शिक्षिका पर कार्रवाई नहीं करने के चलते फोर्सली लीव पर भेज दिया गया है। मामले में 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है।
तबीयत बिगड़ गई छात्रा की
सरगुजा जिले के प्रतापगढ़ स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में यह दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची को शिक्षिका ने सौ बार उठक-बैठक करने की कठोर सजा दी। लगातार उठक-बैठक कराने से छात्रा की तबीयत बिगड़ गई। उसे कमर, घुटनों और रीढ़ की हड्डी में तेज दर्द होने लगा, जिसके बाद परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
छात्रा के मसल्स हो गए हैं क्रैक
अस्पताल में परीक्षण में पता चला कि बच्ची के मसल्स क्रैक हो गए हैं। मामले में शिक्षिका पर सीतापुर थाने में एफआईआर दर्ज किया गया है और शिक्षिका नम्रता गुप्ता को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। मामले में स्कूल के प्रिंसिपल राजीव सिंह को भी अनिश्चितकालीन छुट्टी पर भेज दिया गया है।
यह घटना 1 सितंबर की है। डीएव्ही पब्लिक स्कूल प्रतापगढ़ में पढ़ने वाली दूसरी कक्षा की 8 वर्षीय छात्रा समृद्धि गुप्ता स्कूल में टॉयलेट जा रही थी। इस दौरान रास्ते में शिक्षिका नम्रता गुप्ता मोबाइल चलाते हुए खड़ी थी। शिक्षिका के द्वारा छात्रा समृद्धि से क्लास के समय में घूमने का कारण पूछने पर छात्रा ने बताया कि वह टॉयलेट जा रही है। जिससे शिक्षिका नम्रता गुप्ता नाराज हो गई और छात्रा को दो डंडे मार कर क्लास में लाकर 100 बार उठक बैठक करवाने की सजा दी। दबाव बनाकर छात्रा से उठक बैठक करवाया गया।
मासूम छात्रा पर शारीरिक दंड थोपने के साथ-साथ शिक्षिका ने उससे गाली-गलौज भी की। छात्रा की स्थिति बिगड़ने पर परिजनों ने जब स्कूल प्रबंधन से शिकायत की, तब भी प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और शिक्षिका को तत्काल छुट्टी पर भेज दिया।
इन धाराओं में दर्ज किया गया मामला
बच्ची के परिवार की रिपोर्ट पर पुलिस ने शिक्षिका नम्रता गुप्ता के खिलाफ थाना सीतापुर में धारा 296,115(2), बीएनएस 75 व 82 किशोर न्याय अधिनियम 2015 के तहत मामला दर्ज किया है।
बच्ची का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। अत्यधिक शारीरिक दंड और मानसिक तनाव के कारण बालिका की कमर, घुटनों और रीढ़ की हड्डी में गंभीर दर्द उत्पन्न हो गया है, जिससे वह खड़ी नहीं हो पा रही है। परिवार का कहना है कि शिक्षिका के असंवेदनशील रवैये और कठोर सजा से बच्ची की हालत ऐसी हो गई कि वह खड़े होने और चलने तक में असमर्थ हो गई है। छात्रा समृद्धि गुप्ता के पिता मनोज गुप्ता अंबिकापुर में रहकर काम करते हैं। समृद्धि अपने बड़े पिता अनुराग गुप्ता के यहां गुतुरूमा में रहकर डीएव्ही प्रतापगढ़ में पढ़ाई करती है।
शिक्षिका को किया गया बर्खास्त
इस मामले में पहले डीएव्ही की टीचर नम्रता गुप्ता को प्रबंधन ने छुट्टी पर भेज दिया गया था। पर मामले के तूल पकड़ने पर शिक्षिका नम्रता गुप्ता को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। वही उच्च अधिकारियों को सूचना नहीं देने पर और शिक्षक पर कार्रवाई नहीं करने के कारण स्कूल के प्रिंसिपल राजीव सिंह को जबरदस्ती छुट्टी ( फोर्सली लीव) पर भेज दिया गया है। प्रतापगढ़ डीएवी के मैनेजर को प्रबंधन ने 10 दिनों के अंदर इसकी जांच रिपोर्ट मांगी है।


