टीआरपी डेस्क। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी करने का एक और सबूत दिया। उन्होंने कहा मुझे अपने देश और संविधान से प्यार है, मैं अपने संविधान की रक्षा करूंगा। मैं सबूतों के साथ अपनी बात रख रहा हूं। ये कोई हाइड्रोजन बम नहीं है। अभी उसका आना बाकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग वोट चोरों को बचा रहा है। ये लोकतंत्र के लिए कहीं से भी सही नहीं है। इसे रोकना हमारा काम है। हम इस देश प्यार करते हैं। वहीं चुनाव आयोग के सूत्रों ने इन सारे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमने अपनी तफ्तीश में पाया है कि आयोग ने टारगेट करके वोटर्स का नाम हटाया है। उन्होंने दावा किया है कि कांग्रेस की जांच में पाया है कि आयोग दलित, ओबीसी और अल्पसंख्यकों को निशाना बना रहा है। इन लोगों के वोट बड़े स्तर पर काटे जा रहे हैं। खास बात ये है कि जिन लोगों के वोट काटे गए हैं उन्हें भी इसकी जानकारी नहीं है।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि कर्नाटक के आलंद में 6018 वोट महज 14 मिनट में 12 वोट डिलीट किए गए। इससे ये तो साफ है कि चुनाव आयोग वोट चोरों को बचा रहा है। अभी तक आयोग ने टारगेट करके लाखों वोटर्स को लिस्ट से हटाया है। फर्जी वोटर जोड़ने के लिए फर्जी नाम और फर्जी पते तक दिए गए। उन्होंने आगे कहा कि हम मांग करते हैं कि चुनाव आयोग सीआईडी को जवाब दे। चुनाव आयोग हिंदुस्तान के संविधान की रक्षा नहीं कर रहा है। आज हमने जो भी प्रूफ दिए हैं वो बुलेटप्रूफ हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की गड़बड़ी कर्नाटक के साथ-साथ महाराष्ट्र में भी की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि एक हफ्ते में चुनाव आयोग को कर्नाटक सीआईडी को सारे सबूत सौंप देने चाहिए वरना ये आरोप सही साबित हो जाएगा।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि मैं जो भी कह रहा हूं, मेरे पास उसके पुख्ता सबूत हैं। कांग्रेस के मजबूत बूथों को टारगेट किया गया है। अभी इसकी सीआईडी जांच चल रही है। सीआईडी द्वारा चुनाव आयोग को 18 पत्र लिखे जा चुके हैं जिसमे डेस्टिनेशन IP, ओटीपी ट्रेल जैसी डिटेल मांगी गई लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। फरवरी 2023 में FIR दर्ज की गई। मार्च 23 में कर्नाटक सीआईडी ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी। जिसके बाद से अब तक 18 बार पत्र लिखा जा चुका है लेकिन चुनाव आयोग ने जाँच अटकाया हुआ है।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि हम जब भी चुनाव आयोग से सीसीटीवी फुटेज मांगते हैं तो वो हमें फुटेज नहीं देता है। उन्होंने चुनाव आयोग से फुटेज की मांग किया है। उन्होंने आगे कहा कि बात अगर ‘हाइड्रोजन बम’ की करूं तो वो ब्लैक एंड वाइट है। मैं ये साफ कर देता हूं कि मैं सच के साथ ही, इसलिए लड़ रहा हूं। उन्होंने यह भी कहा कि मेरा काम डेमोक्रेटिक सिस्टम को बचाने की नहीं है। इसके लिए देश में संस्थाएं हैं लेकिन वो अपना काम नहीं कर रहे हैं इसलिए मैं ये कर रहा हूं।



