रायपुर। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने विभागीय समीक्षा बैठक में कड़े तेवर दिखाए। शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने वाले रामानुजगंज-बलरामपुर के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी डीएन मिश्रा को निलंबित कर दिया है। साथ ही प्रशासनिक कार्यों में उदासीनता बरतने पर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर के डीईओ आरपी मिरे को शो काॅस नोटिस जारी किया है।
मंत्री ने योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी पर दो डीईओ को नोटिस जारी करने के आदेश दिए। यही नहीं, स्कूल शिक्षा मंत्री ने चार डीईओ को फटकार लगाई है। यादव ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए योजना बनाकर काम करने की हिदायत दी है।

DEO के खिलाफ ये है मामला
डी एन मिश्रा, (मूलपद प्राचार्य) प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी, रामानुजगंज-बलरामपुर (छ.ग.) के द्वारा जिले में वर्ष 2025-26 में निःशुल्क गणवेश वितरण में हितग्राही छात्रों की संख्या त्रुटिपूर्ण दी गयी। जिससे वितरण पश्चात् अत्यधिक मात्रा में गणवेश बच जाने से शासन को अनावश्यक व्यय भार हुआ है। शेष गणवेश के रखरखाव एवं अनुरक्षण नहीं हो पाने की स्थिति में गणवेश के खराब होने एवं अनुपयोगी हो जाने की संभावना बन गयी है। जिससे शासन को हानि होने की संभावना है। शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने वाले रामानुजगंज-बलरामपुर के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी डीएन मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है।
शिक्षा मंत्री यादव ने विभाग के कामकाज की प्रगति पर चर्चा की। जर्जर स्कूल भवनों के निर्माण, और न्यायालयीन प्रकरणों की जानकारी ली। उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी के पेंशन प्रकरणों को लेकर भी पूछताछ की।
इन जिलों के कामकाज को लेकर असंतोष जताया
बैठक में उन्होंने मनेंद्रगढ़-भरतपुर जिला शिक्षा अधिकारी और जांजगीर-चांपा के कामकाज पर असंतोष जताया, और उन्हें नोटिस जारी करने के आदेश दिए। वहीं बलरामपुर-रामानुजगंज, जगदलपुर, मुंगेली जिला शिक्षा अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया है। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारियों को जिलों का दौरा कर स्कूलों के निरीक्षण करने की हिदायत दी है।
स्कूल शिक्षा मंत्री ने पीएमश्री और स्वामी आत्मानंद स्कूलों को मॉडल स्कूल बनाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से करने के लिए कहा है। उन्होंने साफतौर पर कहा कि सामग्री की खरीदी में गुणवत्ता की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने गुणवत्ताहीन सामग्री खरीदी पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी भी दी है। बैठक में विभागीय सचिव के साथ ही शिक्षा विभाग के आला अफसर मौजूद थे।

मंत्री यादव ने मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि 5वीं, 8वीं, 10वीं, 12वीं के बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए प्रारंभ से ही विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चों के प्रतिभा में कोई कमी नही है। उन्होंने विभाग के अंतर्गत न्यायालयीन प्रकरणों की अद्यतन जानकारी लेकर प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने केन्द्रीय छात्रवृत्ति योजना, विद्यार्थियों के बैंक खाते खोलने तथा उनके जाति प्रमाण पत्र आदि के संबंध में विशेष चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मीटिंग में उन्होंने जब बाबुओं के बारे में पूछा कि कौन बाबू कितने दिन से कार्यरत है, तो डीईओ और बीईओ लगे बगले झांकने। इस पर मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा, तुरंत उन्हें हटाएं या उनका सेक्शन बदला जाए। मंत्री को फीडबैक मिला है कि स्कूल शिक्षा विभाग में करप्शन के लिए बहुत सालों से बीईओ, डीईओ और जेडी ऑफिस में जमे अधिकांश बाबू जिम्मेदार हैं।
देखें डीईओ डी एन मिश्रा का निलंबन आदेश :



