टीआरपी डेस्क। Tattoo of Pledge : ग्वालियर निवासी 84 वर्षीय अशोक मजूमदार ने मृत्यु के बाद देहदान का संकल्प लिया था और इस बात को कभी न भूलने व परिवार को भी याद दिलाते रहने के लिए उन्होंने अपनी पीठ पर स्थायी टैटू बनवाया है, जिसमें लिखा है ‘प्रॉपर्टी ऑफ मेडिकल कॉलेज 16.10.07’ इस टैटू में तारीख भी अंकित है, जब उन्होंने यह टैटू बनवाया था।

टैटू देखकर चौंके डॉक्टर

हाल ही में अशोक मजूमदार का जयारोग्य अस्पताल में एक ऑपरेशन हुआ। इसी दौरान डॉक्टर्स की नजर उनकी पीठ पर पड़ी, टैटू देखकर सभी डॉक्टर्स आश्चर्यचकित रह गए। टैटू पर साफ लिखा था कि यह शरीर अब मेडिकल कॉलेज की संपत्ति है। इसकी जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गजरा राजा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आर.के.एस. धाकड़ तक पहुंचाया। डीन ने अशोक मजूमदार से संपर्क किया और जब उन्होंने अपनी मंशा स्पष्ट की, तो सभी अधिकारी प्रभावित रह गए।

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समाज को दिया बड़ा संदेश

अशोक मजूमदार का मानना है कि मौत के बाद शरीर दान कर देना, मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उनका कहना है, परिवार के लोग संकल्प भूल न जाएं, इसलिए मैंने पीठ पर टैटू गुदवाया है। यह मेरे जीवन का एक मजबूत फैसला है।

उनके इस साहसिक और प्रेरणादायक कदम के लिए गजरा राजा मेडिकल कॉलेज की ओर से सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अशोक मजूमदार को शाल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

प्रेरणा बने अशोक मजूमदार

गजरा राजा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. धाकड़ ने कहा, आज जब लोग देहदान करने से हिचकिचाते हैं, अशोक मजूमदार जैसे लोग समाज के लिए एक मिसाल हैं। उनके इस कदम से कई लोग प्रेरित होंगे।

अशोक मजूमदार का यह संकल्प न सिर्फ चिकित्सा विज्ञान के छात्रों के लिए उपयोगी साबित होगा, बल्कि यह समाज में देहदान के प्रति जागरूकता फैलाने का भी काम करेगा।

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Tattoo of Pledge : एक ओर जहां लोग मृत्यु के बाद शरीर के दाह संस्कार या दफनाए जाने के बारे में सोचते हैं, वहीं अशोक मजूमदार जैसे लोग अपने शरीर को शिक्षा और चिकित्सा के नाम समर्पित कर रहे हैं। उनका यह देहदान संकल्प, समाज के लिए प्रेरणा की मिसाल बन चुका है।