टीआरपी डेस्क। MSP Hike : केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को सरकारी कर्मचारियों-पेंशनभोगियों के लिए बड़े फैसले लिए। इसके अलावा किसानों को भी सौगात दी गई। गेहूं समेत कई फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी की गई। गेंहू के MSP में 6.59 प्रतिशत बढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इससे पहले मार्केटिंग सीजन 2025-26 के लिए गेहूं का एमएसपी 2,425 रुपये प्रति क्विंटल था। इस तरह इस बार गेहूं पर 160 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसे किसानों के लिए दिवाली से पहले का तोहफा माना जा रहा है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि गेहूं के साथ कुल छह रबी फसलों के लिए एमएसपी को मंजूरी दी गई है। गेहूं की बुवाई अक्टूबर के अंत से शुरू होती है और मार्च से कटाई होती है। अन्य रबी फसलों में ज्वार, जौ, चना और मसूर शामिल हैं। एमएसपी निर्धारण कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की सिफारिशों पर आधारित है। गेहूं की खरीद का सीजन अप्रैल से जून तक चलता है। सरकार ने 2025-26 फसल वर्ष के लिए 11.9 करोड़ टन गेहूं उत्पादन का लक्ष्य रखा है, जबकि 2024-25 में 11.75 करोड़ टन का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ था।

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MSP Hike : किस फसल पर कितना बढ़ा एमएसपी ?
इसमें सबसे अधिक कुसुम की कीमतों में 600 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की घोषणा की गई है। इसके बाद मसूर के लिए 300 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। वहीं, मसूर के लिए 300 रुपए प्रति क्विंटल , रेपसीड और सरसों के लिए 250 रुपये प्रति क्विंटल, चना के लिए 225 रुपये प्रति क्विंटल, जौ के लिए 170 रुपये प्रति क्विंटल और गेहूं के लिए 160 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।

वहीं केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को भी राहत दी गई है। मंत्रिमंडल ने 49.19 लाख कर्मचारियों और 68.72 लाख पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में तीन प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है। डीए और डीआर अब 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हो जाएंगे। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2025 से लागू होगी।