टीआरपी डेस्क। विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद होने की तिथियां घोषित कर दी गई हैं। परंपरा के अनुसार, 25 नवंबर को अपराह्न 2 बजकर 56 मिनट पर बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने की प्रक्रिया 21 नवंबर से पंच पूजाओं के साथ शुरू होगी।

मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने हक-हकूकधारी धारियों को पगड़ी भेंट कर सम्मानित किया। भंडारी थोक, मेहता थोक और कमदी थोक से जुड़े पदाधिकारियों को विशेष सम्मान दिया गया।

अन्य धामों की तिथियां

  • केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट 23 अक्टूबर को बंद होंगे।
  • गंगोत्री धाम के कपाट 22 अक्टूबर को अन्नकूट गोवर्धन पूजा के दिन बंद होंगे।
  • द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम के कपाट 18 नवंबर को और तृतीय केदार तुंगनाथ धाम के कपाट 6 नवंबर को बंद होंगे।

हर साल की तरह इस बार भी अक्टूबर-नवंबर में कपाट बंद कर दिए जाएंगे, क्योंकि सर्दियों में हिमालयी क्षेत्र बर्फ से ढक जाता है। अप्रैल-मई में दोबारा कपाट खोल दिए जाते हैं।

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दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु

बीकेटीसी अध्यक्ष ने बताया कि अब तक 14 लाख 20 हजार से ज्यादा श्रद्धालु बदरीनाथ और 16 लाख से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ धाम में दर्शन कर चुके हैं। इस तरह दोनों धामों में अब तक 30 लाख से अधिक यात्रियों ने दर्शन किए हैं।

बदरीनाथ धाम में कपाट बंद होने की प्रक्रिया

  • 21 नवंबर: भगवान गणेश की पूजा और उनके कपाट बंद होंगे।
  • 22 नवंबर: आदि केदारेश्वर और शंकराचार्य मंदिर के कपाट बंद।
  • 23 नवंबर: खड्ग-पुस्तक पूजन व वेद ऋचाओं का वाचन बंद।
  • 24 नवंबर: मां लक्ष्मी को कढ़ाई भोग अर्पित किया जाएगा।
  • 25 नवंबर: अपराह्न 2:56 बजे श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद।

इसके बाद 26 नवंबर को भगवान कुबेर, उद्धव जी और आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी शीतकालीन प्रवास के लिए पांडुकेश्वर और जोशीमठ स्थित नृसिंह मंदिर में पहुंचाई जाएगी।