रायपुर। पशु चिकित्सा विभाग में रिश्वतखोरी का एक मामला काफी चर्चा में है। इस विभाग के कोरिया के एक कर्मचारी ने तीन साल का बकाया मानदेय भुगतान करने के एवज में बाबू के ऊपर 1 लाख 18 हजार रुपए की रिश्वत फोन पे पर लेने का आरोप लगाया है। पैसे लेने के बाद भी मानदेय भुगतान नहीं होने पर कर्मचारी ने संचालक पशु चिकित्सा से शिकायत की। मजे की बात ये है कि कर्मचारी की शिकायत के बाद रिश्वत की राशि 1 लाख रुपए वापस की गई है। मगर बकाया मानदेय का अब तक भुगतान नहीं किया गया है।

पशु चिकित्सा सेवायें बैकुंठपुर, जिला कोरिया में कार्यरत विकास कुमार साहू ने संचालक को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि उनके द्वारा किए गए कुशल गव्याधन कार्य के लिए मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। उनका कहना है कि उन्हें अक्टूबर 2022 तक का मानदेय 23,850 रुपये (नवीन दर अनुसार) नहीं मिला है।

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उन्होंने आरोप लगाया है कि लिपिक राजेन्द्र प्रसाद ने उनके मानदेय को निकालने के एवज में एक कर्मचारी गुलाब के मोबाइल फोन पे से 1 लाख 18 हजार रुपए लिए, मगर उन्हें बकाया मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। राजेन्द्र प्रसाद का मोबाइल नंबर 8462899276 बताया गया है। विकास कुमार साहू ने राजेन्द्र प्रसाद बाबू के खिलाफ उपरोक्तानुसार कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

इस पूरे मामले पर विकास साहू ने बताया कि संचालक से शिकायत के बाद फोन पे पर ली गई राशि लौटाई गई है, लेकिन मानदेय का अब तक भुगतान नहीं किया गया है। इस पूरे मामले की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से भी की गई है। इस मामले में उप संचालक विभा सिंह बघेल की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं।