टीआरपी। Congress surrounded the Civil Lines police station, : लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सीने में गोली मारने के बयान का विरोध करते हुए कांग्रेस ने राजधानी के सिविल लाइन थाने का घेराव किया। केरला के भाजपा प्रवक्ता पिन्टू अमित महादेव के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि पुलिस प्रशासन के अधिकारी भाजपा के हाथों की कठपुतली बन चुके हैं। इससे पूर्व भी कांग्रेसी कार्यकर्ता 29 सितंबर को सिविल लाइन थाना में एफआईआर दर्ज कराने आवेदन दिया था। लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। एफआईआर दर्ज न करने पर सोमवार को पांच घंटे तक सिविल लाइन थाने का घेराव किया गया।
न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी कांग्रेस
कांग्रेस के जिला अध्यक्ष गिरीश दुबे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार डंडे के दम पर प्रदेश में सरकार चला रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बीजेपी प्रवक्ता पिन्टू अमित महादेव के ऊपर एफआईआर नहीं की गई है जबकि पश्चिम बंगाल की सांसद महुआ मोईत्रा द्वारा देश के गृहमंत्री अमित शाह को लेकर बयान दिया गया था और माना थाने में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा एफआईआर कराई गई है। राहुल गांधी पर ऐसे ही बयान दिये जाने को लेकर असम, महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, गुजरात सहित अनेकों प्रदेश में एफआईआर दर्ज किया गया है। लेकिन, भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता के ऊपर मामला दर्ज नहीं किया जा रहा है। अब क्या एक प्रदेश में दो कानून चलेगा? अब, कांग्रेस एफआईआर दर्ज कराने न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी।
थाने का नाम एकात्म परिसर कर दें
पश्चिम विधानसभा के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने कहा कि पुलिस प्रशासन, भारतीय जनता पार्टी की कठपुतली बन चुकी है। उपाध्याय ने कहा कि पुलिस थाने का नामकरण अब से एकात्म परिसर कर देना चाहिए जो भाजपा का कार्यालय है।
पूर्व विधायक उपाध्याय ने कहा कि राहुल गांधी ऐसे शहीद परिवार से आते हैं, जहाँ उनके पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को बम से उड़ा दिया गया। उनकी दादी पूर्व प्रधानमंत्री स्व.इंदिरा गांधी को गोलियों से छलनी कर दिया गया । उसके बाद भी राहुल गांधी निडर होकर करोड़ों लोगों की आवाज सड़क से लेकर सदन तक बुलंद कर रहे हैं । ऐसी स्थिति में भारतीय जनता पार्टी द्वारा ऐसा बयान देना निंदनीय है और सोचनीय भी है कि कहीं राहुल गांधी की हत्या की साजिश तो नहीं रची जा रही है।
क्योंकि देश के आजादी के बाद राष्ट्र पिता महात्मा गांधी को भी ऐसी विचारधारा के लोगों ने ही गोली मारकर हत्या की थी।
सिविल लाइन थाना के घेराव में गिरीश दुबे, विकास उपाध्याय, प्रमोद दुबे, पंकज शर्मा, प्रमोद चौबे, कन्हैया अग्रवाल, श्रीकुमार मेनन, सूर्यमणी मिश्रा, दीपा बग्गा, देवकुमार साहू, मुन्ना मिश्रा, श्रीनिवास राव, सुंदर लाल जोगी, अन्नू राम साहू, संदीप तिवारी, आसिफ मेमन, विकास अग्रवाल, दलजीत चावला, मुमताज खान, दिलीप चौहान, योगेश दीक्षित, प्रकाश जगत, अभय सिंह ठाकुर, कोमल अग्रवाल, अभिनव दुबे, बंशी कन्नौजे, बीरेश शुक्ला सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल रहे।



