रायपुर. चक्रवात मोंथा का प्रभाव फिलहाल पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई है। वहीं, कुछ स्थानों पर भारी वर्षा और वज्रपात की भी आशंका बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्षा का मुख्य क्षेत्र मध्य छत्तीसगढ़ रहेगा, जबकि आगामी एक नवंबर को बारिश का दायरा उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ जाएगा।

पूर्वी विदर्भ और दक्षिण छत्तीसगढ़ में सक्रिय निम्न दाब का क्षेत्र

मोंथा का अवशेष अब एक चिन्हित निम्न दाब क्षेत्र के रूप में पूर्वी विदर्भ और उससे लगे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर स्थित है। यह सिस्टम उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय परिसंचरण लगभग 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। अगले 24 घंटों में इसके पूर्वी मध्यप्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ते हुए सामान्य निम्न दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है।

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बड़े बचेली में सबसे ज्यादा 6 सेंटीमीटर बारिश

मौथा चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई है। सबसे अधिक वर्षा बड़े बचेली में 6 सेंटीमीटर दर्ज हुई। भोपालपटनम में 4 सेमी, कुसमी में 3 सेमी, जबकि कुटरू, गंगालूर, भैरमगढ़, दुर्गकोंदल और नारायणपुर में 2 सेमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा औंधी, सामरी, कांसाबेल, उसूर, मानपुर, जगदलपुर, ओरछा, बिहारपुर, कुआकोडा, कटघोरा और बुलबुला में 1 सेमी वर्षा दर्ज की गई। राजधानी रायपुर में भी तड़के हल्की बारिश हुई और दिनभर बादल छाए रहे।

तीन घंटे के लिए अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों के लिए राज्य के कुछ जिलों में अलर्ट जारी किया है। जशपुर और बलरामपुर में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ मध्यम वर्षा की संभावना जताई गई है। वहीं, रायगढ़, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा मरवाही, सुरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों में भी मध्यम बारिश हो सकती है।

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राजधानी रायपुर में बादल छाने के आसार

राजधानी रायपुर में शुक्रवार को आंशिक रूप से बादल छाने और हल्की वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। मौसम विभाग ने कहा है कि अब मौसम धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौटेगा।

रेलवे यातायात पर भी पड़ा असर

मोंथा चक्रवात के कारण रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। कई ट्रेनों को उनके नियमित मार्ग से डायवर्ट किया गया है। डायवर्ट किए गए रूटों पर ट्रेनों के संचालन में 29 घंटे तक की देरी हो रही है। वहीं, इन रूटों पर पहले से ही यात्रियों और मालगाड़ियों का दबाव होने के कारण सामान्य रूट की ट्रेनें भी प्रभावित हो रही हैं। इसके चलते केरल, ओडिशा, तेलंगाना, महाराष्ट्र और दिल्ली जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

विशेषज्ञों की राय

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मोंथा तूफान अब कमजोर होकर लो-प्रेशर सिस्टम में बदल गया है। अगले 24 घंटों में यह और कमजोर होकर सामान्य निम्न दबाव क्षेत्र में तब्दील हो जाएगा। हालांकि तूफान जैसी स्थिति अब नहीं रहेगी, लेकिन गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। मौसम विभाग ने किसी भी संभाग के लिए फिलहाल कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया है।

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