Corruption in PM Suryaghar Yojana :सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम सूर्य घर योजना में भी करप्शन का वायरस घुस गया है। घर–घर सोलर से बिजली पहुंचाने वाली इस योजना को भी अफसरों ने कमाई का जरिया बना लिया है। ऐसे ही एक मामले में योजना के तहत प्रस्तावित कार्य में पैसों की मांग करने पर बिजली विभाग की महिला कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। वही संविदा लाइन परिचारक की सेवा समाप्त कर दी गई है।

कर्मचारी के जरिए मांगे पैसे

दरअसल पीएम सूर्यघर योजना की नोडल एजेंसी सीएसईबी है और विभाग के कोऑर्डिनेशन से वेंडरों के जरिए प्रदेश भर में लोगों की मांग के आधार पर उपभोक्ताओं के घरों में रूफटॉप सोलर लगाया जा रहा है। जिसकी मॉनिटरिंग करने के मामले में पैसों की डिमांड करने पर महिला कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया गया है। महिला अभियंता एलिन कुजूर बिजली कंपनी में कार्यरत हैं। इसके अलावा एक संविदा कर्मचारी की भी सेवा समाप्त की गई है।

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यह मामला रायपुर नगर संभाग के अंतर्गत चंगोराभाठा जोन का है। इन दिनों पीएम सूर्य घर योजना के तहत घरों में रूफटॉप लगाने का काम जोर–शोर से चल रहा है। ऑनलाइन आवेदन के आधार पर चयनित वेंडरों द्वारा घरों की छत पर चयनित वेंडर द्वारा घरों की छत पर अलग अलग क्षमता के सोलर प्लांट लगाए जाते हैं। सोलर प्लांट स्थापित होने के बाद नेट मीटरिंग, ग्रिड कनेक्शन और मॉनिटरिंग का काम बिजली विभाग करता है।

चंगोराभाठा में भी दो घरों में सोलर प्लांट लगाया जाना है। इसके लिए वेंडर द्वारा चंगोराभाठा दफ्तर के संविदा लाइन परिचारक हरिओम साहू से संपर्क किया गया। तब नेट मीटरिंग कार्य के लिए हरिओम साहू द्वारा 6 हजार रुपए की मांग की गई। उन्होंने अपने अलावा महिला जूनियर इंजीनियर को भी इसमें से हिस्सा देने की बात कही। वेंडर ने इसकी रिकॉर्डिंग कर शिकायत कर दी। शिकायत पर महिला कनिष्ठ अभियंता एलिन कुजूर को निलंबित कर दिया गया, वहीं हरिओम साहू की सेवा समाप्त कर दी गई।

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