टीआरपी। various schemes including Mahatari Vandan Yojana : महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 70 लाख महिलाओं को अब तक 12,983 करोड़ रुपए की राशि वितरित की गई है। यह सहायता महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा ही नहीं, बल्कि परिवार व समाज में निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता प्रदान कर रही है। राज्योत्सव में महिला एवं बाल विकास विभाग के पंडाल में आम लोगों को जानकारी दी जा रही है कि सरकार द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विविध योजनाओं का संचालन किया जा रहा है।
महिलाओं को मिल रहा इन योजनाओं का लाभ
- दीदी ई-रिक्शा योजना ने 12,000 महिलाओं को रोजगार के नए अवसर दिए।
- सक्षम योजना के तहत 32,000 महिलाओं को 3 प्रतिशत ब्याज पर 2 लाख रुपए तक व्यवसायिक ऋण दिया गया।
- महतारी शक्ति ऋण ने 50,000 महिलाओं को बिना जमानत ऋण प्रदान कर आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त किया।
- मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना से 1.15 लाख महिलाएँ घर-परिवार के साथ उत्पादन कार्य से जुड़कर सम्मानजनक आय अर्जित कर रही हैं।
- लखपति महिला मिशन के अंतर्गत 2,000 महिलाएँ सालाना 1 लाख रुपए से अधिक कमा रही हैं।
- भारत सरकार की उज्ज्वला योजना के अंतर्गत स्वीकृत 25 लाख नए LPG कनेक्शन में से 1.59 लाख कनेक्शन छत्तीसगढ़ को मिले।
- ड्रोन दीदी योजना से महिलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- जशप्योर ब्रांड से लगभग 500 महिलाएँ, 10,000 रुपए प्रति माह कमा रही हैं।
- नवा रायपुर के यूनिटी मॉल में SHG उत्पादों को प्राथमिकता दी जा रही है।
महिलाओं के लिए अन्य सुविधाएं
छत्तीसगढ़ के 27 जिलों में सखी वन-स्टॉप सेंटर स्थापित हैं, महिला हेल्पलाइन – 181, डायल – 112 कार्यरत हैं। नवाबिहान योजना से कानूनी व परामर्श सहायता दी जा रही है। शुचिता योजना से 3 लाख किशोरियाँ लाभान्वित हो रही हैं। 2,000 स्कूलों में नैपकिन वेंडिंग मशीन लगाई गई है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 15,000 विशेष आवास स्वीकृत किए, जिनमें से 3,000 बस्तर, सुकमा, कांकेर, बीजापुर और दंतेवाड़ा में बन रहे हैं। अब तक 12,000 से अधिक लोग सुरक्षित आवास पा चुके हैं। छत्तीसगढ़ में महिला SHG की संख्या 2,80,362 है, जिनमें से लगभग 60,000 समूह बस्तर में सक्रिय हैं। वनोपज और हस्तशिल्प आधारित उद्यमों से करोड़ों का कारोबार हो रहा है।



