सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर ज़िले के प्रेमनगर विकासखंड में ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी ऋषिकांत तिवारी को एसीबी की टीम ने 15,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह रकम प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के एक लाभार्थी से रिपोर्ट तैयार करने के एवज में मांगी गई थी।
ACB से मिली जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता मिलेज़ सिंह, निवासी ग्राम नवाकिर्को (पोस्ट मांघई, तहसील प्रेमनगर) ने एसीबी को शिकायत दी थी कि अधिकारी उनसे 15,000 की रिश्वत मांग रहे हैं। शिकायत के मुताबिक यह रकम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तालाब निर्माण कार्य की फिजिकल जांच और रिपोर्ट पास करने के बदले मांगी गई थी। एसीबी ने शिकायत की पुष्टि के बाद ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई और 12 नवंबर 2025 को प्रेमनगर में कार्रवाई की गई।
ऑपरेशन के दौरान ऋषिकांत तिवारी पदस्थ फील्ड असिस्टेंट (ग्रामीण विकास सेवा, प्रेमनगर, जिला सूरजपुर) को शिकायतकर्ता से 15,000 रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। फिनॉलफ्थेलीन टेस्ट से नोटों पर उनके हाथों के निशान की पुष्टि हुई।
आरोपी के घर पर हुई छापेमारी
इसके बाद एसीबी ने आरोपी के घर पर छापा मारा, जहां से 2,27,500 नकद, भूमि से संबंधित दस्तावेज़, बैंक पासबुक, बीमा कागज़ात और सोना–चांदी के रिकॉर्ड बरामद किए गए। जांच टीम को शक है कि यह रकम रिश्वत से हासिल दौलत का हिस्सा हो सकती है।
एसीबी ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज किया है। अधिकारी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। एसीबी का कहना है कि अब यह जांच की जाएगी कि क्या अधिकारी ने अन्य कार्यों में भी रिश्वत के रूप में रकम ली थी। फिलहाल ऋषिकांत तिवारी हिरासत में हैं, और मामले की विस्तृत जांच एसीबी सूरजपुर द्वारा की जा रही है।



