रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने प्रेस वार्ता कर छत्तीसगढ़ में 1.5 लाख करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले का खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के संसाधनों को लूटने के लिए तीन राज्यों, तीन केंद्रीय मंत्रालयों और कॉर्पोरेट कंपनी अर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील के बीच एक बड़ी साजिश रची गई है।
जोगी ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा वित्तीय घोटाला है, जिसके तहत 1.5 लाख करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्ति को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है।
अमित जोगी के अनुसार, इस साजिश की शुरुआत 7 फरवरी 2020 को हुई, जब छत्तीसगढ़ सरकार ने एनएमडीसी को महज 27.69 करोड़ रुपये में 1,845.80 एकड़ जमीन बेच दी। इसके बाद 2022 में बैलाडिला-4 और बैलाडिला-5 लौह अयस्क खदानें अर्सेलरमित्तल को आवंटित की गईं।
उन्होंने बताया कि 3 अक्टूबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नगरनार में सार्वजनिक मंच से कहा था कि “प्लांट का निजीकरण नहीं होगा”, लेकिन 29 अक्टूबर 2025 की एनएमडीसी स्टील की वार्षिक रिपोर्ट में “विनिवेश जारी” की पुष्टि कर दी गई।
जोगी ने कहा कि 7 नवंबर 2025 को इस्पात मंत्रालय ने किरंदुल-अनकापल्ली स्लरी पाइपलाइन को मंजूरी दी और 9 नवंबर को तीन राज्यों में भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर दी गई।
वित्तीय हेराफेरी के आरोप
अमित जोगी ने दावा किया कि वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में नगरनार स्टील प्लांट को 26 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था, लेकिन अर्सेलरमित्तल डील के बाद दूसरी तिमाही में रहस्यमय घाटा दिखाया गया। उन्होंने 120 करोड़ रुपये के कोयला आयात घोटाले का भी आरोप लगाया, जिसमें छत्तीसगढ़ में पर्याप्त कोयला भंडार होने के बावजूद एक “गैर-मौजूद अमेरिकी कंपनी” को अनुबंध दिया गया।
हिस्सेदारी में हेराफेरी का आरोप
एनएमडीसी की वर्तमान हिस्सेदारी 60.79% और अन्य संस्थानों की 39.21% बताई गई है। जोगी का आरोप है कि प्रस्तावित बिक्री के तहत अर्सेलरमित्तल को 50.79% हिस्सेदारी दी जाएगी, जिससे एनएमडीसी की हिस्सेदारी घटकर 10% रह जाएगी और कंपनी पर अर्सेलरमित्तल का पूर्ण नियंत्रण हो जाएगा।
जोगी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने भूमि हस्तांतरण और खदान आवंटन को सक्षम बनाया, जबकि आंध्र प्रदेश और ओडिशा सरकारों ने भूमि अधिग्रहण और पारगमन मार्ग उपलब्ध कराए। उन्होंने केंद्र सरकार के पर्यावरण, खान और इस्पात मंत्रालयों पर भी नियमों की अनदेखी और निजीकरण एजेंडा आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।
घोटाले के मूल्य का विवरण:
- नगरनार स्टील प्लांट: 26,000 करोड़ रुपये
- बैलाडिला लौह अयस्क खदानें: 85,000 करोड़ रुपये
- भविष्य के राजस्व की हानि: 40,000 करोड़ रुपये
- अवसंरचना और सहायक: 40,000 करोड़ रुपये
कुल: 1.5 लाख करोड़ रुपये
जनता कांग्रेस की मांगें
- 1.5 लाख करोड़ रुपये के बहु-राज्यीय घोटाले, 120 करोड़ रुपये के कोयला आयात धोखाधड़ी, पीसीए-पीईएमए उल्लंघन और बहु-मंत्रालयीन साजिश की सीबीआई जांच।
- अर्सेलरमित्तल को दी गई सभी मंजूरियों- बैलाडिला खदान, स्लरी पाइपलाइन और भूमि अधिग्रहण- को तत्काल रद्द किया जाए।
- 50.79% हिस्सेदारी बिक्री प्रस्ताव को वापस लिया जाए।
- नगरनार स्टील प्लांट को स्थायी सार्वजनिक उपक्रम घोषित किया जाए।
- जिम्मेदार मंत्रियों और अधिकारियों का इस्तीफा लिया जाए।
अमित जोगी का अल्टीमेटम
अमित जोगी ने कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर विनिवेश योजना वापस नहीं ली गई, तो जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) बस्तर के हर जिले में ऐतिहासिक जन आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि तब तक एनएमडीसी स्टील के सीएमडी को बस्तर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।


