टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ विधानसभा का एक दिन का विशेष सत्र आज पुराने विधानसभा भवन में आयोजित किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य विधानसभा की 25 साल की संसदीय यात्रा पर चर्चा करना था। सत्र में सत्तापक्ष और विपक्ष के कई विधायकों ने अपने अनुभव, संसदीय परंपराएं और यादें साझा कीं। पुराने भवन में आज हुई बैठक अंतिम औपचारिक चर्चा थी। अब आगामी शीतकालीन सत्र से विधानसभा की कार्यवाही नवा रायपुर के नए भवन में आयोजित की जाएगी।

शीतकालीन सत्र का कार्यक्रम

  • शुरुआत: 14 दिसंबर
  • समापन: 17 दिसंबर
  • अवधि: 4 दिन
  • पहला दिन: विकसित भारत 2047 पर परिचर्चा

बीजेपी के वरिष्ठ विधायक अजय चंद्राकर ने चर्चा की शुरुआत की और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के शासन काल को स्वर्णिम युग बताया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से यह भी कहा कि उनके भीतर छत्तीसगढ़ के लिए काम करने की आग थी, लेकिन कई योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि अब से नियमित शीतकालीन सत्र नए विधानसभा भवन में आयोजित किए जाएंगे। विशेष सत्र का उद्देश्य संसदीय मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करना था।

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सत्र के दौरान विधानसभा के पूरे कार्य संचालन को नए भवन में शिफ्ट करने का प्रस्ताव भी रखा गया। इसी अवसर पर सभी मौजूदा विधायकों का समूह फोटो भी लिया गया, जिसे विधानसभा की 25वीं वर्षगांठ का ऐतिहासिक दस्तावेज माना जाएगा।