टीआरपी डेस्क। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस दिन पितरों का तर्पण, स्नान और दान विशेष फलदायी माना जाता है। 20 नवंबर को मार्गशीर्ष अमावस्या मनाई जाएगी, जिसे अगहन अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना के लिए भी शुभ समय माना जाता है।
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस बार मार्गशीर्ष अमावस्या पर चंद्रमा गोचर करते हुए मंगल की वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा, जिसे नकारात्मक प्रभाव वाला संयोग माना जाता है। इस परिवर्तन से कुछ राशियों को विशेष सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मिथुन
इस राशि के जातकों को मानसिक तनाव, निर्णय में भ्रम और कार्य योजनाओं के अव्यवस्थित होने की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। नजदीकी लोगों से गलतफहमियां बढ़ने की आशंका है। नए कार्य शुरू करने से बचने और पुरानी गलतियों में सुधार पर ध्यान देने की जरूरत है।
कर्क
कर्क राशि के लोगों के लिए आत्मविश्वास में कमी, अनियंत्रित खर्च और स्वास्थ्य में गिरावट की संभावना बनी रहेगी। पारिवारिक निर्णय सोच-समझकर लें। किसी की बातों पर तुरंत प्रतिक्रिया देना हानि पहुंचा सकता है।
कन्या
कन्या राशि के जातकों के लिए यह अमावस्या भावनात्मक अस्थिरता, आर्थिक उतार-चढ़ाव और पारिवारिक विवाद का समय बना सकती है। पुराने विवाद फिर उभर सकते हैं और यात्रा में बाधाएं पैदा हो सकती हैं। आध्यात्मिक साधना मानसिक शांति दे सकती है।
वृश्चिक
वृश्चिक राशि वालों को अधिक परिश्रम के बावजूद अपेक्षित परिणाम न मिलने की स्थिति बन सकती है। कार्यस्थल पर मतभेद, वरिष्ठों से विवाद और धन संबंधी अड़चनें संभावित हैं। किसी पर अत्यधिक भरोसा करने से बचें।
मकर
मकर राशि के लोगों के लिए स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक है। मानसिक शांति बनाए रखना लाभदायक रहेगा। कोई पुराना खर्च अचानक सामने आ सकता है। मित्रों के साथ संबंधों में दूरी बनने की संभावना भी है।



