जगदलपुर। बोधघाट पुलिस को एक बड़ी सफलता हासिल हुई है, यहां 2 तस्करों के पास से पुलिस ने गांजा तेल जिसे हशीश भी बोला जाता है, उसे जब्त करने में सफलता हासिल की है। बरामद हाई-कंसंट्रेशन ऑयल की अनुमानित अंतरराज्यीय कीमत करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये बताई गई है।
पकड़े गए उड़ीसा के दो तस्कर
बता दे कि पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली कि करीबन 30-35 साल के दो लड़के मोटरसाइकिल से केशलूर से गीदम नाका होते हुए बोधघाट चौक की ओर जा रहे हैं, युवकों ने एक काले रंग के बैग में नशे के रूप में उपयोग होने वाले मादक पदार्थ गांजे का तेल/हशिश तेल रखे हैं, जिसे बेचने के लिए गीदम नाका सरगीपाल रोड होते हुए बोधघाट चौक की ओर आ रहे हैं, थाना बोधघाट प्रभारी लीलाधर राठौर के द्वारा टीम बनाकर गीदम नाका सरगीपाल रोड रेलवे साइडिंग के पास मोड़ में जाकर एमसीपी लगाकर वाहन का इंतजार करने लगे,
कुछ समय बाद दोनों युवकों को घेराबंदी कर पकड़ा गया। युवकों ने अपना नाम सीताराम कुलदीप 35 वर्ष, निवासी एनएडी सुनाबेड़ा, थाना सुनाबेड़ा जिला कोरापुट उड़िसा हॉल पता कोण्डापुर, थाना कोण्डापुर जिला रंगारेडी तेलंगाना व रामचंद्र माड़ी 20 वर्ष निवासी कोयलीपारी थाना कोरकोण्डा, जिला मलकानगिरी उड़िसा का रहने वाला बताये।
बड़े शहरों में ले जाकर बेचते थे हशीश
आरोपी सीताराम कुलदीप ने बताया कि वह पिछले कुछ वर्षों से हैदराबाद में रहकर इलेक्ट्रीशियन काम करता है, इक्ट्रिशियन काम की आड़ में वह मलकानगिरी उड़िसा से अधिक पैसा कमाने की लालच में गांजा का तेल/हशिश तेल की तस्करी करने की नियत से मलकागिरी उड़िसा से दरभा केशलूर होते हुए अपने साथी रामचंद्र माड़ी के साथ मिलकर हैदराबाद, मुंबई, पुणे तथा अन्य बड़े शहरों में बेचने ले जाने की बात बताई। आरोपियों के बैग के अंदर अलग अलग रंग के प्लाष्टिक के 10 पैकेटो में गांजा उत्पाद तेल लगभग 10 किलो गांजा का तेल/हशिश तेल बरामद हुआ, जिसे FSL किट से जांच कर देखा गया जो गांजा उत्पाद पाया गया, जिसे तौलने में गांजा का तेल/हशिश तेल 10.396 कि. ग्रा. जिसकी किमत लगभग 1 करोड़ 29 लाख 95 हजार रुपये को अपने कब्जे में रखने के साथ ही बेचने के लिए ले जाने की बात बताई।
आरोपियों के पास से किसी भी प्रकार से कोई भी कागज नही होने पर उनके खिलाफ धारा 20 b NDPS Act दर्ज किया गया, दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।
तस्करों के बड़े नेटवर्क का संदेह
पुलिस को शक है कि इनके पीछे बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जिसके संपर्क, मोबाइल डेटा और लेनदेन की जांच की जा रही है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। बस्तर आईजी और एसपी ने कार्रवाई में शामिल टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह ड्रग सप्लाई चेन को कमजोर करने की दिशा में अहम कदम है। पुलिस के अनुसार बस्तर–ओडिशा सीमा क्षेत्र लंबे समय से ड्रग ट्रांसपोर्ट का संवेदनशील मार्ग रहा है। इस पूरी कार्रवाई के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी, गश्त और इंटेलिजेंस तंत्र मजबूत करने के निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस नेटवर्क से जुड़े और लोगों की पहचान व गिरफ्तारी संभव है।


