टीआरपी। ArcelorMittal company in France : फ्रांस की संसद के निचले सदन ने स्टील कंपनी आर्सेलर मित्तल का राष्ट्रीयकरण करने का बिल पास कर दिया हैै। हालांकि, इस बिल का विरोध भी हो रहा है और फ्रांस के ऊपरी सदन में इसे मंजूरी नहीं मिलने के आसार हैं।

आर्सेलर मित्तल भारतीय उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल के स्वामित्व वाली कंपनी है। यह स्टील बनाने वाली दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। जो फ्रांस समेत यूरोप, अमेरिका और अफ्रीका के कई देशों में उत्पादन करती है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के नगरनार में स्थापित एनएमडीसी का 25 हजार करोड़ का स्टील प्लांट आर्सेलर मित्तल के हाथों में जाने की सुगबुगाहट है।

वामपंथी पार्टियों का कहना है कि फ्रांस में 15,000 नौकरियों को बचाने के लिए राष्ट्रीयकरण ही एकमात्र उपाय है। वामपंथी पार्टी का मकसद आर्सेलर मित्तल को नौकरियों में कटौती करने से रोकना था। स्टील की दिग्गज कंपनी ने इस साल यूरोप में खर्च घटाने की घोषणा की थी, जिसके चलते फ्रांस में 270 नौकरियां खत्म हो सकती हैं।

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इस बिल के पक्ष में वामपंथी पार्टियों ने वोट दिया जबकि धुर दक्षिणपंथी पार्टी ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया। सरकार का समर्थन करने वाली पार्टियों ने राष्ट्रीयकरण के खिलाफ वोट दिया। फ्रांस की राष्ट्रीय संसद के ऊपरी सदन में मध्यमार्गी और मध्य दक्षिणपंथी पार्टियों का बहुमत है। ऐसे में पूरी उम्मीद है कि यह बिल वहां पास नहीं हो सकेगा।