अंबिकापुर। नगर निगम अंबिकापुर के पूर्व महापौर और पार्षदों के लंबित मानदेय प्रकरण में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने दिशा-निर्देश जारी करते हुए मामले के निपटारे का आदेश दिया है।

दरअसल नगर निगम कार्यकाल 2019 से 2025 के लिए चयनित महापौर और पार्षदों का मानदेय जून 2023 से लंबित है। इस बीच जनवरी 2025 में उनका कार्यकाल समाप्त हो गया। मानदेय का भुगतान न होने पर महापौर एवं कांग्रेस से जुड़े 21 पार्षदों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी।

याचिका की सुनवाई में नगर निगम के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि पूर्व महापौर और पार्षदों ने उन महीनों का विवरण उपलब्ध नहीं कराया है, जिनका मानदेय लंबित है।

सभी पक्षों को सुनने के बाद उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि सभी याचिकाकर्ता पूर्व महापौर और पार्षद आदेश जारी होने के दो सप्ताह के भीतर नगर निगम अम्बिकापुर के समक्ष लंबित अवधि का विवरण प्रस्तुत करें। अदालत ने कहा कि नगर निगम, विवरण प्राप्त होने के तीन माह के भीतर राज्य सरकार के नोटिफिकेशन 12 मई 2022 के अनुसार निपटारा करेगा।

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डेढ़ करोड़ रुपए का है बकाया

नगर निगम अम्बिकापुर के अनुसार जून 2023 से जनवरी 2025 की अवधि का महापौर तथा 47 पार्षदों का कुल 1.43 करोड़ रुपये मानदेय बकाया है। उच्च न्यायालय द्वारा 22 याचिकाकर्ताओं—महापौर सहित पार्षदों के लिए दिए गए आदेश के अनुसार निगम को आगामी तीन माह में लगभग 67 लाख रुपये का भुगतान करना होगा।