टीआरपी डेस्क। साल 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले केरल के स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) बढ़त बनाता नजर आ रहा है। वहीं, भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने तिरुवनंतपुरम नगर निगम और त्रिपुनिथुरा में जीत दर्ज कर नया राजनीतिक इतिहास रच दिया है। तिरुवनंतपुरम को कांग्रेस सांसद शशि थरूर का गढ़ माना जाता है।

केरल के 1,199 स्थानीय निकायों के लिए सुबह 8 बजे शुरू हुई मतगणना के रुझानों से स्पष्ट है कि UDF, सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) से अधिक ग्राम और ब्लॉक पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों में आगे चल रहा है।

राज्य चुनाव आयोग के अनुसार, कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF 3,155 वार्डों में आगे है, जबकि LDF 2,565 वार्डों में बढ़त बनाए हुए है। भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए 577 वार्डों में आगे चल रहा है, जबकि अन्य दल 532 वार्डों में बढ़त पर हैं।

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स्थानीय निकाय चुनाव दो चरणों में संपन्न हुए, जिनके तहत 9 और 11 दिसंबर को मतदान हुआ था। निर्वाचित पंचायत सदस्यों, नगर पालिका पार्षदों और नगर निगम पार्षदों का शपथ ग्रहण 21 दिसंबर को होगा।

हाईकोर्ट जाने वाली कांग्रेस उम्मीदवार की जीत

तिरुवनंतपुरम नगर निगम के मुट्टाडा डिवीजन से कांग्रेस उम्मीदवार वैष्णा ने 300 से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज की। उन्हें वोटर लिस्ट में अपना नाम वापस शामिल कराने के लिए केरल हाईकोर्ट का सहारा लेना पड़ा था।

स्टेट इलेक्शन कमीशन से नोटिस मिलने के बाद वैष्णा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। अदालत के निर्देश पर आयोग ने मामले की दोबारा जांच की और उनका नाम मतदाता सूची में पुनः शामिल किया। कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि वैष्णा का नाम वोटर लिस्ट से हटाने के पीछे LDF की साजिश थी।