दुर्ग। तालाब में डूबने से दिवंगत हुए पुलिस आरक्षक विक्रम सिंह के परिवार को पुलिस सैलरी पैकेज (पीएसपी) योजना के तहत आर्थिक सहायता का लाभ मिला है। इस योजना के अंतर्गत आरक्षक के परिजनों को राहत प्रदान की गई है।

इसके साथ ही सकल बीमा कवरेज (एमओयू) के अंतर्गत भी परिवार को लाभान्वित किया गया। पुलिस विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई इन योजनाओं के माध्यम से दिवंगत आरक्षक के आश्रितों को आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।

जानकारी के अनुसार आरक्षक विक्रम सिंह की तालाब में डूबने से मृत्यु हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद विभागीय प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद दुर्ग एसपी विजय अग्रवाल ने उनकी माता को कुल 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई है, जिससे परिवार को इस कठिन समय में संबल मिल सके।

जानिए क्या है पुलिस सैलरी पैकेज?

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 8 प्रमुख बैंकों के साथ पुलिस सैलरी पैकेज के तहत समझौता (एमओयू) किया। इस समझौते में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और आईडीबीआई बैंक शामिल हैं।

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यह समझौता पुलिस कर्मियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा और उनके परिवारों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। इसके अंतर्गत पुलिस कर्मियों को यह स्वतंत्रता दी गई है कि वे अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार किसी भी बैंक में सैलरी खाता खोल सकते हैं। इसके लिए किसी भी प्रकार की बाध्यता या अतिरिक्त शुल्क नहीं होगी। सभी बैंकों से प्राप्त प्रस्ताव पुलिस इकाइयों को भेजे जाएंगे ताकि पुलिस कर्मी अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सबसे उपयुक्त बैंक का चयन कर सकें।

यह समझौता पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के लिए लाभदायक है। इसमें सामान्य मृत्यु के मामलों में 1 लाख से 10 लाख रूपए तक की जीवन बीमा राशि, दुर्घटना में मृत्यु के मामलों में 10 लाख से 1 करोड़ रूपए तक की सहायता, स्थायी विकलांगता के मामलों में 30 लाख से 1 करोड़ रूपए तक और आंशिक विकलांगता के लिए 22.5 लाख से 1 करोड़ रूपए की राशि तक की बीमा राशि का प्रावधान शामिल है।

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साथ ही बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख से 20 लाख रूपए तक और कन्या विवाह के लिए 5 लाख से 10 लाख रूपए तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध होगी। नक्सल हिंसा में शहीद होने वाले पुलिस कर्मियों के परिवारों के लिए 10 लाख से 50 लाख रूपए तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।