टीआरपी डेस्क। संसद के बजट सत्र की शुरुआत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सांसदों को नसीहत देते हुए कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में देश की प्राथमिकताएं, भविष्य की दिशा और 2026 को लेकर जो अपेक्षाएं रखी गई हैं, उन्हें सांसदों को पूरी गंभीरता से समझना चाहिए। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुई ट्रेड डील का भी उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का भाषण 140 करोड़ देशवासियों के भरोसे और सामर्थ्य की झलक है। इसमें देश की आकांक्षाएं, खासकर युवाओं की उम्मीदें स्पष्ट रूप से सामने रखी गई हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने सांसदों के मार्गदर्शन के लिए कई अहम बातें कहीं हैं और उन्हें विश्वास है कि सभी सांसदों ने इन बिंदुओं को गंभीरता से लिया होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा पूरा हो चुका है और अब अगले 25 वर्षों का दौर शुरू हो रहा है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह समय बेहद निर्णायक है। उन्होंने कहा कि सदी के दूसरे चौथाई हिस्से का यह पहला बजट देश की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
प्रधानमंत्री ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की भी सराहना की और कहा कि वह देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं जो लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश करने जा रही हैं। इसे उन्होंने देश के संसदीय इतिहास का गौरवपूर्ण क्षण बताया।


