कोरबा/बिलासपुर। कटघोरा वनमंडल के पाली परिक्षेत्र स्थित लाफा जंगल में एक तेंदुए की जान पर बन आई। दरअसल वह जंगली सूअर के शिकार के लिए लगाए गए तार के फंदे में फंस गया। इसकी सूचना मिलने पर वन विभाग और कानन पेंडारी की रेस्क्यू टीम की त्वरित कार्रवाई से तेंदुए को सुरक्षित बचा लिया गया। इस मामले में आरोपी शिकारी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
कोरबा जिले के लाफा जंगल में एक ग्रामीण ने जंगली सूअर पकड़ने के उद्देश्य से तार का फंदा लगाया था। लेकिन उसी जाल में एक तेंदुआ फंस गया। फंदे में उलझा तेंदुआ बुरी तरह छटपटा रहा था। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में शोर मच गया।
तेंदुए को बचाने करनी पड़ी मशक्कत
इस घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम और कानन पेंडारी जू के वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ. पी.के. चंदन तत्काल मौके पर पहुंचे। तेंदुए की आक्रामक और पीड़ादायक स्थिति को देखते हुए सामान्य तरीके से उसे छुड़ाना संभव नहीं था।
इसके बाद वन्य जीव प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) से अनुमति प्राप्त कर रात करीब एक बजे ट्रैंक्विलाइजर गन से तेंदुए को बेहोश किया गया। लगभग तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने उसे सुरक्षित फंदे से बाहर निकाला। फंदे के कारण तेंदुए के पेट और पिछले हिस्से में चोटें आई थीं। उसे तत्काल रेस्क्यू वाहन से कानन पेंडारी लाकर उसका उपचार किया गया। हालत में सुधार होने के बाद अगले दिन शाम उसे उसी वन क्षेत्र में पुनः छोड़ दिया गया।
शिकारी को पकड़ने डॉग स्क्वॉड की ली गई मदद
इधर आरोपी को पकड़ने के लिए कटघोरा वनमंडल ने अचानकमार टाइगर रिजर्व के डॉग स्क्वॉड की सहायता ली। खोजी कुतिया ‘नीतू’ ने जांच के दौरान नगोई भाटा निवासी विजय कुमार गोंड (37) तक टीम को पहुंचाया। तलाशी में शिकार में प्रयुक्त तार और अन्य सामग्री भी बरामद हुई।
रिमांड पर जेल भेजा गया शिकारी
आरोपी विजय गोंड ने स्वीकार किया कि उसने जंगली सूअर के शिकार के लिए फंदा लगाया था, लेकिन उसमें तेंदुआ फंस गया। उसके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 9, 51 और 52 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। आरोपी को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी, पाली के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर उप जेल कटघोरा भेज दिया गया।



