Raipur Municipal Corporation Zone 9 Commissioner inspecting sanitation in Ward 7.

टीआरपी। रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर सख्ती बरतनी शुरू कर दी गई है। जोन 9 के कमिश्नर अंशुल शर्मा ने कुशभाऊ ठाकरे वार्ड क्रमांक 7 में औचक निरीक्षण के दौरान भारी अनियमितताएं पाए जाने पर सफाई ठेकेदार संतोष सोनी पर 10,000 रुपये का जुर्माना ठोक दिया है।


राजधानी रायपुर में सफाई व्यवस्था सीधे तौर पर आम नागरिकों के स्वास्थ्य और ‘स्वच्छ भारत अभियान’ की रैंकिंग से जुड़ी है। ठेकेदारों की लापरवाही पर इस तरह की त्वरित कार्रवाई से अन्य वार्डों की सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा और जनता को गंदगी से निजात मिलेगी।

निरीक्षण में खुली पोल, गायब मिले कर्मचारी


निरीक्षण के दौरान जोन कमिश्नर ने पाया कि वार्ड 7 में निर्धारित 38 सफाई कामगारों की तुलना में बेहद कम कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद थे। स्थिति इतनी खराब थी कि वार्ड में जगह-जगह गंदगी और कचरे के ढेर लगे हुए थे। इस लचर व्यवस्था को देखते हुए स्वास्थ्य अधिकारी बारोन बंजारे और स्वच्छता निरीक्षक भोला तिवारी की उपस्थिति में ठेकेदार को तत्काल नोटिस थमाया गया।

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निगम ने स्पष्ट किया है कि कागजों पर कर्मचारियों की संख्या पूरी दिखाकर जमीन पर काम न करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ठेकेदार को 3 दिन का अल्टीमेटम दिया गया है कि वह वार्ड की सफाई व्यवस्था में सुधार लाए और अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करे।


जुर्माना राशि: अनुबंधित ठेकेदार पर 10,000 रुपये का दंड।

अनुपस्थिति: वार्ड में निर्धारित 38 कर्मचारियों से कम संख्या में कामगार मिले।

डेडलाइन: सफाई व्यवस्था सुधारने के लिए मात्र 3 दिन का समय दिया गया है।

वार्ड विवरण: यह कार्रवाई कुशभाऊ ठाकरे वार्ड क्रमांक 7 (जोन 9) में की गई है।

यदि आगामी 3 दिनों के भीतर वार्ड 7 की सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिखता है, तो नगर निगम प्रशासन ठेकेदार के खिलाफ और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई या ठेका निरस्त करने जैसे कदम उठा सकता है।