टीआरपी। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के ग्राम हरदी में वन विभाग और ग्रामीणों के साझा प्रयासों से एक विशाल मगरमच्छ का सफल रेस्क्यू किया गया। तालाब में मछली पकड़ने के दौरान जाल में फंसे इस मगरमच्छ को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित निकालकर नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी में नया आश्रय दिया गया है।
यह घटना छत्तीसगढ़ में मानव-वन्यजीव द्वंद्व (Conflict) को कम करने की दिशा में एक बड़ी सफलता है। ग्रामीणों द्वारा मगरमच्छ को नुकसान पहुँचाने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचित करना राज्य सरकार के जागरूकता अभियानों के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है। इससे न केवल वन्यजीवों की जान बच रही है, बल्कि भविष्य में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं पर भी लगाम लगी है।
ग्रामीणों की सजगता ने बचाई जान
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में यह पूरा ऑपरेशन सफल रहा। ग्राम हरदी के ग्रामीण जब तालाब में मछली पकड़ रहे थे, तभी उनके जाल में एक भारी-भरकम मगरमच्छ फंस गया। घबराने के बजाय ग्रामीणों ने समझदारी दिखाई और तुरंत अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर के निर्देश पर परिक्षेत्र सहायक गितेश बंजारे और उनकी टीम मौके पर पहुँची। टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर बेहद सावधानी से मगरमच्छ को जाल से बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद पशु चिकित्सकों ने उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया और उसे पूरी तरह स्वस्थ पाया।
- रेस्क्यू स्थल: ग्राम हरदी, जिला बलौदाबाजार।
- नया ठिकाना: जंगल सफारी, नवा रायपुर।
- सहयोग: हरदी वन प्रबंधन समिति और स्थानीय ग्रामीण।
- पिछला रिकॉर्ड: इसी ग्राम के लोगों ने अक्टूबर 2025 में हाथी के रेस्क्यू में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
सुरक्षित रेस्क्यू किए गए मगरमच्छ को जंगल सफारी के अनुकूल वातावरण में छोड़ दिया गया है, जहाँ विशेषज्ञ उसकी निगरानी करेंगे। वन विभाग ने अपील की है कि वन्यजीवों के दिखने पर ग्रामीण इसी तरह की सजगता बनाए रखें। शासन के निर्देशानुसार, वन्यजीव संरक्षण के लिए जागरूकता कार्यक्रम और तेज किए जाएंगे।



