टीआरपी। आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम ने नवा रायपुर में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की प्रगति पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने निर्माण कार्यों में हो रही लेट-लतीफी के लिए निर्माण एजेंसियों को फटकार लगाते हुए निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
छत्तीसगढ़ के 26 जिलों में संचालित 75 एकलव्य विद्यालयों में हजारों आदिवासी छात्र अध्ययनरत हैं। निर्माण कार्यों में तेजी और शिक्षा के बेहतर वातावरण से सीधे तौर पर प्रदेश के अनुसूचित जनजाति वर्ग के बच्चों का भविष्य संवरेगा। मंत्री द्वारा जिम और ऑडिटोरियम को अनिवार्य करने से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभावान छात्रों को आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।
मंत्री नेताम ने स्पष्ट किया कि एकलव्य विद्यालय शत-प्रतिशत केंद्र सरकार के सहयोग से संचालित होते हैं, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नए स्कूल भवनों के प्रस्ताव में जिम और ऑडिटोरियम को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। समीक्षा के दौरान उन्होंने गणवेश (यूनिफॉर्म) की गुणवत्ता और एकरूपता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने छात्रों के स्वास्थ्य और भोजन की गुणवत्ता पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में एंटीवेनम और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। वहीं, आयुक्त डॉ. सारांश मित्तर ने कम परिणाम वाले स्कूलों के प्राचार्यों को 10वीं और 12वीं के बोर्ड रिजल्ट में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए।
- कुल विद्यालय: वर्तमान में छत्तीसगढ़ के 26 जिलों में 75 एकलव्य विद्यालय संचालित हैं।
- विद्यालयों का प्रकार: इनमें 8 बालक, 10 कन्या और 59 संयुक्त विद्यालय शामिल हैं।
- नया निर्देश: आगामी सभी निर्माण कार्यों में जिम और ऑडिटोरियम का निर्माण अनिवार्य होगा।
- स्वास्थ्य सुरक्षा: आपात स्थिति के लिए सभी स्कूलों में एंटीवेनम की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
निर्माण एजेंसियों को संबंधित जिलों के कलेक्टरों और सहायक आयुक्तों के साथ समन्वय कर अपूर्ण कार्यों को जल्द पूरा करना होगा। विभाग अब शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के स्वास्थ्य परीक्षण की नियमित मॉनिटरिंग करेगा ताकि आने वाले बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों में सुधार दिखे।


