PM-RAHAT Scheme Road Accident Cashless Treatment details.

टीआरपी। केंद्र सरकार द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री द्वारा 13 फरवरी 2026 को PM-RAHAT (Road Accident Victim Hospitalization and Assured Treatment) योजना का शुभारंभ किया गया है। इस योजना के तहत दुर्घटनाग्रस्त पात्र व्यक्ति को हादसे की तारीख से 7 दिनों तक ₹1.5 लाख तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज प्रदान किया जाएगा।

राष्ट्रीय राजमार्गों और राजकीय मार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं की दर को देखते हुए यह योजना राज्य के नागरिकों के लिए जीवन रक्षक साबित होगी। अक्सर आर्थिक अभाव या पहचान न होने के कारण ‘गोल्डन आवर’ (हादसे के ठीक बाद का एक घंटा) में इलाज नहीं मिल पाता, जिसे अब यह योजना सुनिश्चित करेगी।

Ministry of Road Transport & Highways के आंकड़ों के अनुसार, सड़क हादसों में होने वाली लगभग 50% मौतों को यदि समय पर अस्पताल पहुँचाया जाए, तो रोका जा सकता है। पूर्व में CTRAV के नाम से जानी जाने वाली इस योजना को अब PM-RAHAT के रूप में नया स्वरूप दिया गया है। यह योजना किसी भी श्रेणी की सड़क (नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे या स्थानीय सड़क) पर हुए हादसे के लिए प्रभावी होगी।

See also  हादसा : स्कूल की छत गिरी, 25 छात्र-छात्राएं घायल, कच्ची छत पर डाली जा रही थी मिट्टी

योजना का तकनीकी क्रियान्वयन बेहद आधुनिक रखा गया है। इसे eDAR प्लेटफॉर्म और National Health Authority के TMS 2.0 डिजिटल सिस्टम से जोड़ा गया है। इससे दुर्घटना की रिपोर्टिंग से लेकर अस्पताल के क्लेम निपटान तक की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी। अस्पतालों को भुगतान मोटर व्हीकल एक्सीडेंट फंड (MVAF) के माध्यम से किया जाएगा, जिससे निजी और सरकारी अस्पतालों को 10 दिनों के भीतर भुगतान मिल जाएगा।

  • कैशलेस लिमिट: प्रति व्यक्ति अधिकतम ₹1.5 लाख तक का उपचार।
  • समय सीमा: दुर्घटना की तिथि से अधिकतम 7 दिनों तक का कवरेज।
  • भुगतान गारंटी: अस्पतालों के दावों का निपटान 10 दिनों के भीतर सुनिश्चित।
  • डिजिटल सिस्टम: पारदर्शिता के लिए eDAR और TMS 2.0 का एकीकरण।

इस योजना के लागू होने से अब सड़क किनारे स्थित निजी अस्पतालों को भी दुर्घटना पीड़ितों के इलाज में हिचकिचाहट नहीं होगी। छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख अस्पतालों को इस पोर्टल से जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है, ताकि आपात स्थिति में किसी भी नागरिक को अपनी जेब से खर्च न करना पड़े।

See also  1 दिसंबर से बदल जाएंगे ये नियम, इन बातों का जरूर रखें ध्यान