टीआरपी। छत्तीसगढ़ में आगामी 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी बिसात बिछ चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे राज्यसभा जाने की दौड़ में शामिल नहीं हैं। बघेल ने कहा कि वे वर्तमान में विधायक और पार्टी के महामंत्री हैं, ऐसे में उम्मीदवार का अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान ही करेगा।
राज्यसभा की इन दो सीटों (KTS तुलसी और फूलोदेवी नेताम का रिक्त पद) पर चयन छत्तीसगढ़ के आगामी राजनीतिक समीकरणों को तय करेगा। जहां कांग्रेस पर इस बार ‘स्थानीय चेहरे’ को भेजने का दबाव है, वहीं भाजपा सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश में है। भूपेश बघेल का पीछे हटना राज्य की राजनीति में उनकी सक्रियता के नए संकेत दे रहा है।
भाजपा में इन दिग्गजों के नामों की गूंज
सत्ताधारी दल भाजपा में उम्मीदवारों को लेकर मंथन का दौर जारी है। राजनीतिक गलियारों में संयोगिता सिंह जूदेव (दिवंगत दिलीप सिंह जूदेव परिवार), वरिष्ठ नेता प्रेम प्रकाश पाण्डेय और हाल ही में भाजपा में शामिल हुए बालक दास साहब के नामों पर चर्चा सबसे ज्यादा है। पार्टी आदिवासी और सामान्य वर्ग के बीच संतुलन बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
कांग्रेस के संभावित चेहरे: क्या बाहरी बनाम स्थानीय का मुद्दा सुलझेगा?
पिछली बार बाहरी नेताओं को राज्यसभा भेजने पर कांग्रेस को काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी। इस बार टी.एस. सिंहदेव (T.S. Singh Deo) को राष्ट्रीय राजनीति में बड़ी भूमिका देने या पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज (Deepak Baij) को मौका देने की अटकलें तेज हैं। बघेल के इनकार के बाद अब गेंद पूरी तरह दिल्ली दरबार के पाले में है।
चुनाव का पूरा शेड्यूल एक नजर में
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार छत्तीसगढ़ की दो सीटों पर चुनावी प्रक्रिया इस प्रकार होगी:
- नामांकन की अंतिम तिथि: 05 मार्च 2026
- नामांकन पत्रों की जांच: 06 मार्च 2026
- मतदान की तारीख: 16 मार्च 2026 (सुबह 9 से शाम 4 बजे)
- मतगणना: 16 मार्च 2026 (शाम 5 बजे से)
- कुल सीटें: 02 (रिक्त होने वाली)
- वर्तमान विधायक संख्या: भाजपा- 54, कांग्रेस- 35, गोंगपा- 01
- रिटायर होने वाले सदस्य: के.टी.एस. तुलसी और फूलोदेवी नेताम (09 अप्रैल को कार्यकाल समाप्त)
अब सभी की नजरें 5 मार्च की नामांकन प्रक्रिया पर टिकी हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अगले 48 से 72 घंटों में अपने अधिकृत प्रत्याशियों की घोषणा कर सकते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कांग्रेस किसी स्थानीय आदिवासी चेहरे पर दांव लगाती है या कोई चौंकाने वाला नाम सामने आता है।



