छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रश्नकाल की शुरुआत होते ही सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण का मुद्दा जोरदार तरीके से गूंजा। डोंगरगढ़ की विधायक हर्षिता स्वामी बघेल (Harshita Swami Baghel) ने सहकारी केंद्रीय बैंक भवन निर्माण का मामला उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि बैंक भवन के लिए वर्क ऑर्डर जारी हो चुका है, टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और भूमि पूजन भी हो गया, इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।

जवाब में मंत्री केदार कश्यप (Kedar Kashyap) ने बताया कि वर्ष 2023 में भवन निर्माण की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन प्रस्तावित स्थल पर पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। इस कारण अब दूसरी जगह जमीन की तलाश की जा रही है।

मंत्री के जवाब पर असंतोष जताते हुए विधायक हर्षिता बघेल ने सवाल उठाया कि जब पहले ही सभी व्यवस्थाओं को देखते हुए टेंडर जारी किया गया और भूमि पूजन हुआ, तो अब अचानक स्थल बदलने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने यह भी पूछा कि सहकारी बैंक कब तक किराए के भवन में संचालित होता रहेगा।

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इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने सरकार पर अतिक्रमणकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया और अतिक्रमण हटाने की निश्चित तारीख बताने की मांग की। मंत्री ने कहा कि इस संबंध में कलेक्टर को पत्र लिखा गया है और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और विरोध जताते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।