टीआरपी। पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, रायपुर में शीघ्र ही निःशुल्क IVF (In-Vitro Fertilization) सुविधा शुरू करने की घोषणा की गई है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रदेश के जरूरतमंद दंपत्तियों के लिए एक बड़ा निर्णय लेते हुए यह घोषणा की है।
राज्य पर्यवेक्षक मंडल की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने एआरटी (ART) और सरोगेसी एक्ट 2021 के कड़ाई से पालन और निजी केंद्रों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं।
लिंगानुपात सुधारने के लिए जिलों का होगा विशेष अध्ययन
बैठक के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश के सर्वाधिक और न्यूनतम सेक्स रेशियो वाले 3-3 जिलों का विस्तृत अध्ययन कराने का आदेश दिया है। इसका उद्देश्य लिंग चयन जैसी अवैध गतिविधियों को जड़ से खत्म करना और क्षेत्रीय असमानताओं के कारणों का पता लगाना है।
प्रदेश में सोनोग्राफी सेवाओं के विस्तार के लिए MBBS डॉक्टरों के लिए 6 महीने का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी चलाया जाएगा। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए शहर नहीं भागना पड़ेगा।
आईवीएफ और सरोगेसी केंद्रों पर रहेगी पैनी नजर
स्वास्थ्य विभाग अब प्रदेश में संचालित सभी निजी आईवीएफ और सरोगेसी केंद्रों के निरीक्षण के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार कर रहा है। सचिव अमित कटारिया और आयुक्त रितेश अग्रवाल की उपस्थिति में तय हुआ कि इन केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग होगी ताकि मरीजों का शोषण न हो और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
निजी अस्पतालों में इलाज बेहद महंगा होता है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग इस सुविधा से वंचित रह जाता है। रायपुर में सरकारी स्तर पर इस सुविधा के शुरू होने से हजारों परिवारों का सपना मुफ्त में पूरा हो सकेगा। साथ ही, लिंगानुपात में सुधार के लिए सरकार का कड़ा रुख भविष्य में प्रदेश के सामाजिक ढांचे को और मजबूत बनाएगा।
मेडिकल कॉलेज में इंफ्रास्ट्रक्चर और उपकरणों की स्थापना का काम जल्द शुरू होगा। स्वास्थ्य विभाग अगले कुछ महीनों में उन डॉक्टरों की सूची जारी करेगा जिन्हें सोनोग्राफी प्रशिक्षण के लिए चुना जाएगा, जिससे ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।



