रायपुर। ईडी जोनल आफिस ने मेडिकल इक्विपमेंट और रीजेंट खरीद घोटाले में 80.36 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।

ईडी की जांच के मुताबिक सीजी एम‌एससी और स्वास्थ्य सेवा निदेशालय के  अधिकारियों की मिलीभगत से टेंडर प्रक्रिया में हेरफेर कर मेडिकल उपकरण और रीजेंट ऊंचे दामों पर खरीदे गए। आरोप है कि मोक्षित कॉर्पोरेशन के पार्टनर शशांक चोपड़ा ने अधिकारियों के साथ मिलकर यह खेल किया और राज्य को भारी नुकसान पहुंचाया।

ईडी ने इस मामले में पहले भी छापेमारी कर पोर्श, मर्सिडीज और मिनी कूपर जैसी लग्जरी गाड़ियां जब्त की थीं और मुख्य आरोपी शशांक चोपड़ा को गिरफ्तार किया था। इस केस में अब तक कुल करीब 123 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त या फ्रीज की जा चुकी है।

भारतमाला परियोजना में भी संपत्ति जब्त

वहीं दूसरी ओर भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापट्टनम नेशनल हाईवे के भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में भी ईडी ने  23.35 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां जब्त की गई हैं।

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जांच में पता चला कि जमीन ब्रोकरों, निजी लोगों और कुछ सरकारी अधिकारियों ने मिलकर फर्जी और बैकडेटेड रेवेन्यू रिकॉर्ड बनाकर जमीन के टुकड़े दिखाए, जिससे मुआवजा राशि कई गुना बढ़ा दी गई। बाद में मुआवजा राशि का बड़ा हिस्सा हरमीत सिंह खानुजा और उसके सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। जांच में करीब 27 करोड़ रुपये के गबन का खुलासा हुआ है।