टीआरपी डेस्क। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने सोमवार को संसद के ‘जीरो आवर’ (शून्य काल) के दौरान देश के मोबाइल यूजर्स से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने टेलीकॉम कंपनियों द्वारा इस्तेमाल न किए गए डेटा को लैप्स (Expire) किए जाने की प्रक्रिया को गलत बताते हुए ‘डेटा रोलओवर’ और ‘डेटा ट्रांसफर’ की सुविधा देने की मांग की है।

12 बजते ही डेटा गायब: राघव का तीखा प्रहार

राघव चड्ढा ने सदन में बताया कि वर्तमान में टेलीकॉम कंपनियां यूजर्स को रोजाना 1.5 जीबी या 2 जीबी डेटा का प्लान बेचती हैं। लेकिन जैसे ही रात के 12 बजते हैं, यूजर का बचा हुआ डेटा एक्सपायर हो जाता है। चड्ढा ने तर्क दिया कि ग्राहकों से पैसे तो पूरे डेटा के लिए जाते हैं, लेकिन इस्तेमाल न होने पर कंपनियां उस बचे हुए डेटा को खुद बचा लेती हैं (Save), जिसका लाभ यूजर को नहीं मिलता। उन्होंने मांग की कि जो डेटा एक दिन बच गया है, उसे अगले दिन की डेटा लिमिट में जोड़ दिया जाना चाहिए ताकि यूजर अपने पूरे पैसे का लाभ उठा सके।

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पेट्रोल का उदाहरण देकर समझाया तर्क

सांसद ने मोबाइल डेटा की तुलना पेट्रोल से करते हुए एक दिलचस्प उदाहरण दिया। अगर आप 15 लीटर पेट्रोल भरवाते हैं और उसमें से 5 लीटर बच जाता है, तो पेट्रोल पंप का मालिक यह नहीं कहता कि बचा हुआ तेल वापस कर दो। आप उस पेट्रोल का इस्तेमाल अपनी मर्जी से कभी भी करते हैं। ठीक इसी तरह, डेटा भी यूजर की संपत्ति है और उसे इसे पूरी तरह इस्तेमाल करने का अधिकार होना चाहिए।

डेटा ट्रांसफर: पैसे की तरह भेजें डेटा

राघव चड्ढा ने एक और महत्वपूर्ण मांग रखी कि जिस तरह हम यूपीआई या अन्य माध्यमों से एक-दूसरे को पैसे ट्रांसफर करते हैं, ठीक उसी तरह एक यूजर से दूसरे यूजर को डेटा ट्रांसफर करने की अनुमति भी मिलनी चाहिए। इससे उन लोगों को मदद मिलेगी जिनका डेटा खत्म हो गया है और जिनके पास एक्स्ट्रा डेटा पड़ा है, वह व्यर्थ नहीं जाएगा।

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दुनिया के अन्य देशों का हवाला

उन्होंने सदन को जानकारी दी कि अमेरिका, यूरोप, नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे कई विकसित देशों में डेटा रोलओवर की सुविधा पहले से ही लागू है। वहां की टेलीकॉम कंपनियां ग्राहकों को बचा हुआ डेटा अगले महीने या अगले दिन इस्तेमाल करने की अनुमति देती हैं। दरअसल, भारत दुनिया के सबसे बड़े डेटा खपत वाले देशों में से एक है। अगर राघव चड्ढा की यह मांग मान ली जाती है, तो करोड़ों मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जो महंगे रिचार्ज के बाद भी अपने पूरे डेटा का इस्तेमाल नहीं कर पाते।