टीआरपी। राजधानी रायपुर की सबसे व्यस्त और संकरी सड़कों में शुमार तात्यापारा से शारदा चौक तक के मार्ग को चौड़ा करने की मांग एक बार फिर सड़कों पर आ गई है। सोमवार को कांग्रेसियों ने नवीन मार्केट और फूल चौक के पास जोरदार प्रदर्शन करते हुए विशाल हस्ताक्षर अभियान चलाया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि प्रभावित व्यापारियों और निवासियों को तत्काल उचित मुआवजा देकर सड़क का चौड़ीकरण किया जाए, ताकि शहरवासियों को दशकों पुराने ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिल सके।
तात्यापारा-शारदा चौक मार्ग रायपुर के व्यापारिक हृदय स्थल का हिस्सा है। पिछले पांच महापौरों के कार्यकाल से यह मुद्दा फाइलों में दबा रहा है, लेकिन अब सांसद बृजमोहन अग्रवाल के मुख्यमंत्री को लिखे पत्र और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी व पूर्व महापौर एजाज ढेबर की सक्रियता ने इसे राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। स्थानीय व्यापारियों के लिए यह जीवन-मरण का प्रश्न है क्योंकि उनकी रोजी-रोटी इसी सड़क पर टिकी है।
सियासत के केंद्र में तात्यापारा
हस्ताक्षर अभियान के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सड़क चौड़ीकरण का मुद्दा केवल आश्वासनों तक सीमित रह गया है। हाल ही में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर इस सड़क के लिए बजट और मुआवजे की मांग को हवा दी थी। इसके जवाब में अब कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है।
पूर्व महापौर एजाज ढेबर और नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने संयुक्त रूप से आवाज उठाई कि सरकार की ‘दोहरी नीति’ के कारण प्रभावित लोग अधर में लटके हैं। कांग्रेस का कहना है कि ओवरब्रिज के प्रस्तावों से व्यापारियों का नुकसान होगा, इसलिए केवल जमीन अधिग्रहण और उचित मुआवजे के साथ सड़क चौड़ीकरण ही एकमात्र समाधान है।
सड़क चौड़ीकरण को लेकर कांग्रेस का हस्ताक्षर अभियान
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प्रदर्शन स्थल: नवीन मार्केट और फूल चौक
प्रमुख मांग: प्रभावितों को तत्काल मुआवजा और सड़क का शत-प्रतिशत चौड़ीकरण।
विवाद का केंद्र: पिछले 20-25 वर्षों से लंबित है तात्यापारा सड़क प्रोजेक्ट।
राजनीतिक दबाव: सांसद बृजमोहन अग्रवाल के पत्र के बाद नगर निगम में पक्ष-विपक्ष आमने-सामने।
अभियान: आम जनता और व्यापारियों का समर्थन जुटाने के लिए चलाया गया हस्ताक्षर अभियान।
इस हस्ताक्षर अभियान के बाद कांग्रेस इस मांग को लेकर जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने की तैयारी में है। वहीं, नगर निगम की अगली बैठकों में बजट आवंटन को लेकर हंगामे के आसार हैं। यदि सरकार और निगम प्रशासन के बीच तालमेल नहीं बैठा, तो तात्यापारा का यह विवाद आने वाले समय में रायपुर की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन सकता है।



